टमाटर ने मेहनत-लागत पर लगाई आग! 4-5 रुपये किलो का भाव मिलने पर किसान का मन खट्टा; सड़क पर फेंक दी 25 कुंतल फसल

महाराष्ट्र के जालना में टमाटर के दाम 4 से 5 रुपये प्रति किलो मिलने से नाराज किसान ने सड़क पर 25 कुंतल फसल फेंक दी। उसके साथ अन्य किसानों ने सरकार से मांग की है कि टमाटर सहित अन्य कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया जाए और किसानों को सीधा बाजार उपलब्ध कराया जाए।

जालना : जिले में टमाटर उत्पादक किसानों पर इन दिनों भारी आर्थिक संकट मंडरा रहा है। बाजार में टमाटर को उचित दाम नहीं मिलने से एक किसान ने विरोध स्वरूप अपनी पूरी फसल सड़क पर फेंक दी। यह घटना जालना के धारकल्याण गांव की है, जहां किसान अमर काकड़े ने करीब एक एकड़ जमीन पर टमाटर की खेती की थी। इस खेती के लिए किसान को लगभग 40 से 45 हजार रुपये तक का खर्च उठाना पड़ा था। मौसम अनुकूल रहने के कारण इस बार टमाटर का उत्पादन भी अच्छा हुआ और किसान को अच्छी कमाई की उम्मीद थी, लेकिन जब वह अपनी फसल बेचने के लिए जालना और छत्रपति संभाजीनगर के करमाड कृषि उपज मंडी पहुंचा, तो वहां व्यापारियों ने टमाटर के लिए मात्र 4 से 5 रुपये प्रति किलो का भाव दिया।

इतना कम दाम मिलने से नाराज किसान ने करीब 25 क्विंटल टमाटर सड़क पर फेंक दिए और अपना रोष जताया। किसान का कहना है कि इस कीमत पर तो मजदूरी और परिवहन का खर्च भी नहीं निकल पा रहा है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि टमाटर सहित अन्य कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया जाए और किसानों को सीधा बाजार उपलब्ध कराया जाए। फिलहाल, टमाटर के गिरते दामों से जालना सहित आसपास के क्षेत्रों के किसान चिंतित हैं और सरकार से जल्द हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

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