Farmer Protest: भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के विरोध में दिल्ली की ओर पैदल मार्च के लिए निकले किसानों को हरियाणा पुलिस ने खनौरी बॉर्डर पर ही रोक दिया। इसके बाद किसानों ने सड़क पर ही डेरा डाल लिया और वहीं बिस्तर बिछाकर रात बिताई। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के प्रमुख जगजीत सिंह दल्लेवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार से अपील की है कि किसानों को सीमित संख्या में शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली पैदल मार्च करने की अनुमति दी जाए।
खनौरी बॉर्डर पर किसानों का डेरा, हरियाणा पुलिस ने की बैरिकेडिंग (सांकेतिक फोटो)
सीमित संख्या में दिल्ली मार्च की योजना
दल्लेवाल ने देर रात कहा कि फिलहाल खनौरी बॉर्डर पर किसानों की संख्या ज्यादा नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन हजारों किसानों को एक साथ जुटाने की क्षमता रखता है, लेकिन फिलहाल वे कम संख्या में ही किसानों के साथ पैदल और शांतिपूर्वक तरीके से दिल्ली जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसान पैदल आगे बढ़ने के लिए निकले थे, लेकिन उन्हें रास्ते में रोक दिया गया। इसके बाद वे खनौरी बॉर्डर पर ही रुकने को मजबूर हैं।
खनौरी बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस की भारी बैरिकेडिंग
किसानों के दिल्ली कूच को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने खनौरी चेकपॉइंट पर भारी बैरिकेडिंग लगा दी है। पुलिस की मौजूदगी के बीच किसानों ने बॉर्डर पर ही सड़क किनारे रात गुजारी। दल्लेवाल ने कहा कि किसानों का हरियाणा सरकार से कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा, "हम हरियाणा सरकार और प्रधानमंत्री से अपील करते हैं कि हमें शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने दिया जाए।"
किसानों की मांगे क्या हैं?
किसानों ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते के अलावा कई पुरानी मांगें भी उठाई हैं। इनमें सबसे प्रमुख न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी है। किसान नेता के अनुसार, उनकी अन्य प्रमुख मांगों में किसानों की कर्जमाफी और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करना शामिल है। दल्लेवाल ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भी किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों की समस्याओं को समझने और उनकी मांगों पर ठोस कदम उठाने की अपील की।
अदालत से भी दखल की मांग
दल्लेवाल ने इस मामले में न्यायपालिका से हस्तक्षेप की मांग भी की। उन्होंने कहा कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट इस मामले का संज्ञान लेकर आगे का रास्ता तय कर सकते हैं। किसान नेता ने प्रधानमंत्री मोदी से किसानों की परेशानियों और उनकी स्थिति को समझने की अपील की और कहा कि सरकार को उनकी मांगों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
