Faridabad: त्योहारी दिनों में दूध और इससे जुड़े खाद्य पदार्थों की डिमांड बढ़ जाती है। इसके साथ ही इनमें मिलावट का खेल भी शुरू हो जाता है, लेकिन स्मार्ट सिटी में दूध में मिलावट का खेल पूरे साल होता है। यहां पर पिछले एक साल में लिए गए 254 नमूने में से 70 नमून फेल पाए गए हैं। मतलब 27.5 प्रतिशत दूध के नमूनों में किस न किसी तरह का मिलावट पाया गया है। इनमें से दूध के कई नमूनों में स्वास्थ्य के लिए खतरनाक समझे जाने वाले केमिकल का यूज किया गया था। ऐसे में अगर आप होली त्योहार के लिए दूध खरीदने जा रहे हैं तो दूध की गुणवत्ता का अच्छी तरह जांच जरूर कर लें।
दूध में मिलावट (प्रतीकात्मक तस्वीर)
बता दें कि फरीदाबाद में अलग-अलग ब्रांड के दूध के अलावा रोजाना लाखों लीटर दूध गांवों से भी आता है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग समय-समय पर इन दूधों की जांच करता रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार अप्रैल 2022 के लेकर इस साल जनवरी माह तक जिले के अलग-अलग हिस्सों से दूध के 254 नमूने लिए हुए थे। जांच के दौरान इनमें से 70 नमून फेल पाए गए। इस जांच रिपोर्ट से समझा जा सकता है कि जिले में खपाया जा रहे करीब-करीब एक तिहाई दूध में मिलावट की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार दूध के नमूने फेल होने की सबसे बड़ी वजह इसमें डिटर्जेंट का मिलावट होना रहा। इसे सेहत के लिए बेहद खराब माना जाता है।
