Family Of Prashant Satpathy Condemns Donations: 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मृतक के परिवार ने कथित रूप से मदद के लिए चंदा जुटाने के एक अभियान की सोमवार को कड़ी निंदा की। मृतक प्रशांत सतपथि के परिवार के सदस्यों ने मृतक की पत्नी और बेटे की मदद के लिए चंदा
फाइल फोटो
मांगने वालों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई है। परिवार का कहना है कि सोशल मीडिया से कुछ लोग फर्जी तरीके से धन जुटा रहे हैं, इससे वो आहत हैं।
बालासोर के सीआईपीईटी के कर्मचारी प्रशांत सतपथि (41) 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए 26 लोगों में से एक थे। पीड़ित परिवार ने बालासोर के साइबर अपराध एवं आर्थिक अपराध थाने में फर्जी चंदे जुटाने को लेकर शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें कहा गया है कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया मंच पर फर्जी धन जुटाने का अभियान शुरू किया है और उनकी मदद के नाम पर पैसे जुटा रहे हैं।
मृतक प्रशांत सतपथि की पत्नी प्रिया दर्शनी आचार्य ने संवाददाताओं से कहा, "हमने चंदे से राशि जुटाने के लिए किसी को कोई सहमति नहीं दी है। हमें लोगों से पैसे की जरूरत नहीं है, लेकिन मैं अपने दिवंगत पति के लिए उनकी शुभकामनाएं और आशीर्वाद चाहती हूं। हमें चंदे से धन जुटाने के पीछे की मंशा नहीं पता, लेकिन मैं सभी से इस अभियान को रोकने की अपील करती हूं।"
प्रिया ने दावा किया कि उन्हें शनिवार को सोशल मीडिया से चंदे से धन जुटाने के अभियान के बारे में पता चला। उन्होंने कहा, "हो सकता है कि धन जुटाने वालों की मंशा अच्छी हो, लेकिन उन्हें हमारी सहमति लेनी चाहिए थी। अगर उन्होंने कुछ पैसे जमा किए हैं, तो उन्हें इसे कुछ परर्मार्थ संगठनों और ट्रस्ट को दान कर देना चाहिए। हमें पूरा विश्वास है कि सरकार हमारा ख्याल रखेगी।"
प्रशांत के छोटे भाई जयंत ने कहा कि फंड जुटाने की वजह से पूरा परिवार आहत है। उन्होंने कहा, "ईश्वर पहलगाम हमले के अपराधियों को सजा देंगे।"
उन्होंने कहा कि परिवार ने इस संबंध में (चंदे से धन जुटाने के बारे में) बालासोर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
जयंत ने यह भी बताया कि उन्होंने उस महिला से संपर्क किया था जिसका फोन नंबर सोशल मीडिया पर धन जुटाने की अपील में सूचीबद्ध था। उनके मुताबिक महिला ने धन जुटाने की शुरुआत करने से पहले परिवार की सहमति नहीं लेने के लिए माफी भी मांगी।"
इस बीच, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि साइबर थाने ने जांच शुरू कर दी है और धन जुटाने में शामिल व्यक्ति से संपर्क किया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कम से कम पांच से छह लोगों ने आरोपी व्यक्ति के खाते में करीब 18,000 रुपये हस्तांतरित किए हैं।
इससे पहले, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 20 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, उनकी पत्नी को नौकरी और उनके नौ वर्षीय बेटे की शिक्षा एवं भविष्य की जरूरतों के लिए पूर्ण समर्थन की घोषणा की थी।
(इनपुट-भाषा)
