Delhi News: दिल्ली से एक गंभीर साइबर अपराध का मामला सामने आया है। जहां लोकसभा सांसद मनोज तिवारी के नाम से सोशल मीडिया पर फर्जी फेसबुक आईडी चलाई जा रही थी। इस फर्जी आईडी के जरिए सांसद के नाम, फोटो और सार्वजनिक पहचान का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर भ्रामक और गलत संदेश फैलाए जा रहे थे। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
मनोज तिवारी (फाइल फोटो | PTI)
किस नाम से थी मनोज तिवारी की फर्जी फेसबुक ID
जानकारी के अनुसार, फेसबुक पर “Monoj Tiwari BJP” नाम से एक फर्जी अकाउंट चलाया जा रहा था। लेकिन इस आईडी का मनोज तिवारी या उनकी टीम से कोई संबंध नहीं है। जब यह मामला मनोज तिवारी के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत दर्ज कराई। सांसद की ओर से 22 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के साइबर पुलिस स्टेशन रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जिसमें बताया गया कि कोई अज्ञात व्यक्ति उनके नाम, फोटो और वीडियो का बिना अनुमति के इस्तेमाल कर रहा है। यह सिर्फ गैरकानूनी ही नहीं, बल्कि इससे आम जनता में भ्रम की स्थिति भी पैदा हो रही है। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
किसी की पहचान का दुरुपयोग गंभीर अपराध - पुलिस
साइबर पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि यह मामला आईटी एक्ट की धारा 66C (पहचान की चोरी) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356(3) के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। इसके बाद नई दिल्ली के साइबर पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 01/2026 दर्ज की गई। दिल्ली पुलिस ने फर्जी फेसबुक आईडी को बंद कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं और उनका मकसद क्या था। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी के नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल करना एक गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
