शाहजहांपुर : देश की सैन्य सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले फर्जी ब्रिगेडियर सहित दो कथित एनएसजी कमांडो और एक ड्राइवर को जनपद के कैंट क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के दौरान हिरासत में लिया गया है। सेना के अधिकारियों द्वारा की गई पूछताछ के बाद फर्जी ब्रिगेडियर के खिलाफ थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। फर्जी ब्रिगेडियर के पास से टाटा हैरियर गाड़ी सेना से जुड़े फर्जी दस्तावेज, सेना के महत्वपूर्ण चिन्ह, आधार पैन कार्ड के साथ नकली पिस्टल भी बरामद की गई है। फिलहाल दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस ने भी अपनी जांच तेज कर दी है और संबंधित से पूछताछ में जुट गई है।
महानगर में स्थित कैंट क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया, जोकि देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ ही नहीं बल्कि कथित फर्जीवाड़ा और अधूरी हसरतों को पूरा करने के लिए रचा गया एक षड्यंत्र है। यहां थाना रोजा क्षेत्र की दुर्गा एनक्लेव कॉलोनी का रहने वाला आर्यन वर्मा टाटा हैरियर कार से ड्राइवर सहित दो बाउंसर लेकर घूमने पहुंचा था। कैंट क्षेत्र में बनाए गए म्यूजियम के पास जैसे ही आर्यन वर्मा अपनी गाड़ी लेकर पहुंचा तो वहां मौजूद रिटायर्ड सैन्य कर्मियों को इसकी गतिविधियां संदिग्ध नजर आई। जिस पर सेना के अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई, मौके पर पहुंचे सेना के कर्नल रैक के अधिकारी द्वारा पड़ताल करने पर जो मामला निकलकर सामने आया वह बेहद ही चौंकाने वाला है।
मौके पर टाटा हैरियर कार जिसमें सेना का झंडा ही नहीं बल्कि स्टार प्लेट भी लगी हुई पाई गई, गाड़ी में सवार सेना की वर्दी पहने 21 वर्ष के युवक को देखकर एकबार के लिए सैन्य अवसर भी अचंभित रह गए। ब्रिगेडियर की वर्दी पहने युवक से जब पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम आर्यन वर्मा पुत्र अनिल वर्मा निवासी दुर्गा एनक्लेव कॉलोनी थाना रोजा बताया। फर्जी ब्रिगेडियर के साथ गाड़ी चला रहा ड्राइवर और दो बाउंसर भी पकड़े गए। इन लोगों के पास से भी सेना से जुड़े भारत सरकार के फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
सेना के अधिकारियों ने अपने उच्च अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया, जिस पर बरेली रेंज से सेना के उच्च अधिकारियों ने शाहजहांपुर पहुंचकर फर्जी ब्रिगेडियर और उसके साथियों से घंटों गहन पड़ताल और जरुरी पूछताछ की गईं। इसके बाद देर शाम सेना से जुड़े एक अधिकारी की तहरीर पर कोतवाली सदर बाजार में आर्यन वर्मा पुत्र अनिल वर्मा के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करवाया गया है।
आरोपी के पास ये दस्तावेज बरामद
वहीं, उपरोक्त पूरे प्रकरण के संबंध में सिटी सर्किल के सीओ पंकज पंत ने बताया कि रोजा थाना क्षेत्र की दुर्गा एनक्लेव कॉलोनी निवासी आर्यन वर्मा के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है। साथ ही फर्जी ब्रिगेडियर बनाकर वर्दी में घूम रहे आर्यन वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अभी तक जो जानकारी निकाल कर सामने आई है, उसके मुताबिक आर्यन वर्मा नीट की परीक्षा में फेल होने के बाद से फर्जी ब्रिगेडियर बनकर अपने अधूरी हसरत पूरी करना चाह रहा था। हालांकि उसकी इच्छा तो नीट क्वालीफाई करके डॉक्टर बनने की थी, लेकिन हसरत पूरी नहीं होने पर उसने ब्रिगेडियर बनकर अपनी ख्वाहिश पूरी करने का षड्यंत्र रचा। आर्यन वर्मा के पास से एक टाटा हैरियर कार जिसमें सैनिक फ्लैग और स्टार प्लेट आदिल लगी हुई थी बरामद की गई है। इसके साथ ही आर्मी स्टिक (छड़ी) वर्दी, वैज,सेना का फर्जी आई कार्ड, आधार कार्ड पैन कार्ड सहित नकली पिस्टल भी बरामद की गई है, फर्जी ब्रिगेडियर पुलिस हिरासत में है पूछताछ के दौरान जो भी तथ्य निकलकर सामने आएंगे उनके आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक फर्जी ब्रिगेडियर आर्यन वर्मा के पिता अनिल वर्मा उद्यान विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं, जबकि माता सरकारी स्कूल में टीचर हैं। आर्यन वर्मा द्वारा दो बार नीट की परीक्षा दी गई, लेकिन दोनों बार वह फेल हो गया वह नीट क्वालीफाई करके डॉक्टर बनना चाहता था, लेकिन जब उसकी चाहत पूरी नहीं हुई तो उसने सेना में अधिकारी बनने का रास्ता अख्तियार किया लेकिन फर्जी वह भी देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ और षड्यंत्र के साथ हालांकि अब आर्यन पुलिस की कस्टडी में है आगे क्या कुछ राज निकलकर सामने आता है यह तो पुलिस पड़ताल में ही मालूम पड़ेगा।
कथित फर्जी ब्रिगेडियर के साथ ड्राइवर और बाउंसर जो गाड़ी में पकड़े गए उनके पास भी भारत सरकार के फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं उन्हें छोड़ दिया गया है। हालांकि पुलिस विवेचना के दौरान उनसे पूछताछ करने और फिर उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कर रही है. लेकिन यह मामला देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ से जुड़ा हुआ है इसलिए पुलिस की यह बात हजम नहीं हो रही है।
