पश्चिम बंगाल की राजनीति से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाली खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 5 बार के पूर्व विधायक और राज्य विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित अपने पार्टी कार्यालय में फांसी के फंदे से लटके हुए पाए गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
पूर्व टीएमसी MLA आशीष बनर्जी ने सुसाइड नोट में बयां किया अपना दर्द (फोटो: सोशल मीडिया/एक्स)
घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अपने नोट में आशीष बनर्जी ने लिखा, "मैंने अपने पूरे जीवन में कभी भ्रष्टाचार नहीं किया, राजनीति में कदम रखना ही मेरी सबसे बड़ी गलती थी।" उन्होंने अपने परिवार को भी राजनीति से पूरी तरह दूर रहने की सलाह दी। नोट के अंत में उन्होंने साफ तौर पर लिखा कि उनकी मौत के लिए कोई भी व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: मॉस्को में 800 से ज्यादा ड्रोन अटैक, यूक्रेन ने रूस के सबसे बड़े ई-कॉमर्स गोदाम को बनाया निशाना; एक की मौत
पार्टी के भीतर हो रहे थे गलत काम-आशीष बनर्जी
सुसाइड नोट में आशीष बनर्जी ने टीएमसी के भीतर जारी कुछ गतिविधियों पर भी अपना दर्द जताया। उन्होंने लिखा कि पार्टी के भीतर कुछ गलत काम हो रहे थे, जिन्हें वे स्वीकार नहीं कर पा रहे थे, लेकिन उनके पास विरोध करने का कोई रास्ता नहीं था। इसके अलावा उन्होंने तारापीठ-रामपुरहाट विकास प्राधिकरण (TRDA) में किसी भी प्रकार के टेंडर या वित्तीय अनियमितता में अपनी भूमिका से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें केवल बदनाम करने और नीचा दिखाने की कोशिश की गई थी।
एक बेहद ईमानदार और पढ़ा-लिखा नेता-TMC सांसद
इस घटना के बाद टीएमसी के राज्यसभा सांसद समरुल इस्लाम ने उन्हें एक बेहद ईमानदार और पढ़ा-लिखा नेता बताया। उन्होंने कहा कि आशीष बनर्जी बीरभूम के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक थे और उनके सुसाइड नोट के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
बता दें कि आशीष बनर्जी रामपुरहाट सीट से पांच बार विधायक रह चुके हैं और राज्य सरकार में कृषि तथा आयुष जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी रहे थे। हालांकि, हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद उन्होंने जून में बीरभूम जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी अचानक हुई मौत से समर्थकों और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
