त्रिशूर : जिले के अथिरापिल्ली जंगल में वनोपज एकत्र करने के लिए गए दो आदिवासी व्यक्तियों की एक जंगली हाथी के हमले में मौत हो गई। पुलिस को आशंका है कि यह घटना सोमवार को शाम करीब साढ़े सात बजे हुई होगी। मृतकों के शव मंगलवार की सुबह पास के एक सरकारी अस्पताल में भेजे गए। दोनों मृतकों की पहचान अंबिका और सतीश के रुप में हुई है, जो पास के वाझाचल में आदिवासी बस्ती में रहते थे।
(सांकेतिक फोटो)
अस्थायी टेंट लगाकर ठहरे थे आदिवासी
पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, अंबिका और सतीश दो अलग-अलग आदिवासी परिवारों से थे और वनोपज एकत्र करने के लिए एक चट्टान पर अस्थायी टेंट लगाकर वहां ठहरे थे। अधिकारी ने आशंका जताई कि रात को जंगली हाथियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया होगा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह भी जांच की जा रही है कि क्या वहां और लोग भी थे और वे हाथियों को देख कर भागे तथा वन क्षेत्र में फंस गए।
जंगली हाथी ने दौड़ाया
इस घटना के बाद केरल में पिछले दो दिन में जंगली हाथियों के हमलों में मरने वालों की संख्या तीन हो गई। रविवार रात मलाक्कापारा में 20 वर्षीय एक आदिवासी युवक की हाथी के हमले में जान चली गई थी। पिछले दिनों मारे गए मृतक की पहचान मुथुवन समुदाय के सेबेस्टियन के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, अंधेरे में जंगली हाथी को देखकर तीनों युवक भागने लगे, लेकिन इसी दौरान सेबेस्टियन गिर गया और हाथी ने उसे कुचल दिया।
