'मेरा बेटा चला गया, अपने बच्चों को दिल्ली मत भेजना...'; दिल्ली सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में बेटे की लाश देखकर टूटा पिता

दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में अपने जवान बेटे को खोने वाले पिता ने भावुक अपील की है। उन्होंने कहा- 'अपने बच्चों को पढ़ने के लिए दिल्ली मत भेजो।'

'अपने बच्चों को पढ़ने के लिए दिल्ली न भेजें...' यह बात देवास के रहने वाले अर्पित जाज के दुखी पिता ने कही। अर्पित उन सात लोगों में शामिल थे जिनकी मौत दो दिन पहले राजधानी में एक बहु-मंजिला इमारत गिरने से हो गई थी; इस इमारत का इस्तेमाल 'पेइंग गेस्ट' (PG) के तौर पर किया जा रहा था। मध्य प्रदेश के देवास में मंगलवार को 21 साल के अर्पित के पिता भूपेंद्र जाज ने हाथ जोड़कर माता-पिता से यह भावुक अपील की। वे अपने बेटे को आखिरी विदाई दे रहे थे, जो दिल्ली में पढ़ाई के दौरान उसी दुर्भाग्यपूर्ण इमारत में रहता था।

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अर्पित जाज दिल्ली के एक कॉलेज में BCom दूसरे साल का छात्र था

उनकी रुंधती आवाज में अपने युवा बेटे को खोने का दर्द और दूसरे परिवारों को ऐसी त्रासदी से बचाने की चिंता साफ झलक रही थी। दिल्ली के एक कॉलेज में BCom दूसरे साल के छात्र अर्पित की अंतिम यात्रा में उनके परिवार, दोस्तों, शिक्षकों और पड़ोसियों ने हिस्सा लिया; इस दौरान हर तरफ दुख और भावुकता का माहौल था।

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