मराठी साइनबोर्ड विवाद: मुंबई के 5 हजार से ज्यादा प्रतिष्ठानों पर लटकी तलवार; डिप्टी मेयर बोले- "नियम मानें या शिव सेना स्टाइल कार्रवाई झेलें"

मुंबई के उप महापौर संजय घाडी ने शहर की दुकानों और होटलों को मराठी साइनबोर्ड (देवनागरी) लगाने का एक महीने का अल्टीमेटम दिया है। नियम उल्लंघन पर 'शिव सेना स्टाइल' कार्रवाई और भारी जुर्माने की धमकी दी है।

Mumbai News: मुंबई में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर मराठी साइनबोर्ड लगाने को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक सख्ती एक बार फिर चर्चा में है। मुंबई के उप महापौर संजय घाडी ने शहर के सभी दुकानदारों और होटल मालिकों को चेतावनी दी है कि वे जल्द से जल्द देवनागरी लिपि में ठोस मराठी साइनबोर्ड प्रदर्शित करें, नहीं तो उन्हें 'शिव सेना-स्टाइल' की कार्रवाई झेलनी होगी।

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मुंबई में दुकानों पर मराठी बोर्ड अनिवार्य (फाइल फोटो | Facebook/Sanjay Ghadi)

एक महीने की समय सीमा और सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

संजय घाडी ने स्पष्ट किया कि यह नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इन साइनबोर्ड्स को दुकानों पर प्रमुख रूप से दिखाया जाना चाहिए, न कि किसी कोने में। उप महापौर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि प्रतिष्ठान एक महीने के अंदर मराठी साइनबोर्ड नहीं लगाते हैं, तो प्रशासन कड़े कदम उठाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पार्टी कार्यकर्ता 'शिव सेना के तरीके' से अपनी प्रतिक्रिया देंगे।

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