दिल्ली में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण पर बड़ा वार; जानें 2026–2029 तक क्या बदल जाएगा राजधानी में?

दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक जाम और प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने मेट्रो और सड़क परियोजनाओं को तेज करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में यात्रियों को तेज, सुगम और पर्यावरण अनुकूल सफर उपलब्ध कराया जा सके।

Delhi News: राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम और बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने मेट्रो और सड़क परियोजनाओं को तेज गति देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में दिल्ली सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर दिल्ली मेट्रो और उससे जुड़ी फ्लाईओवर व सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक और मजबूत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है, जिससे लोगों की यात्रा आसान हो और प्रदूषण में कमी लाई जा सके। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क इस समय 416 किलोमीटर तक फैल चुका है, जिसमें 303 स्टेशन, 12 लाइनें और 32 इंटरचेंज शामिल हैं। इसके अलावा 104 किलोमीटर से अधिक का नेटवर्क और 80 से ज्यादा स्टेशन निर्माणाधीन हैं। फेज-IV के तहत चल रहे कार्यों में करीब 80 प्रतिशत तक प्रगति दर्ज की जा चुकी है।

Delhi CM Rekha Gupta (File Photo)

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (फाइल फोटो)

कई अहम मेट्रो सेक्शन पहले ही चालू

सरकार के अनुसार कई अहम मेट्रो सेक्शन पहले ही चालू हो चुके हैं, जिनमें मजलिस पार्क से मौजपुर, दीपाली चौक से मजलिस पार्क और जनकपुरी पश्चिम से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन शामिल हैं। कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से दीपाली चौक, मजलिस पार्क से आर. के. आश्रम और तुगलकाबाद से एरोसिटी जैसे प्रमुख कॉरिडोर दिसंबर 2026 तक पूरे किए जाने का लक्ष्य है। इन परियोजनाओं से उत्तर, दक्षिण और पूर्वी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। इसके साथ ही फेज-IV के अन्य कॉरिडोर जैसे लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक, इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ और रिठाला से कुंडली पर भी काम शुरू हो चुका है, जिन्हें मार्च 2029 तक पूरा करने की योजना है। वहीं फेज-V(A) के तहत आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक नई लाइनों पर काम आगे बढ़ रहा है।

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