Karol Bagh Robbery Gang Arrest: दिल्ली पुलिस ने करोल बाग में सक्रिय एक लूट के गिरोह का पर्दाफाश किया और कथित सरगना समेत गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने शुक्रवार को इस गिरफ्तारी की जानकारी दी। मामले की शुरुआत 16 फरवरी को तब हुई, जब सर गंगा राम अस्पताल के पास एक व्यक्ति ने मारपीट और लूट की शिकायत दर्ज कराई।
दिल्ली पुलिस ने करोल बाग में लूट गैंग का किया भंडाफोड़ (सांकेतिक फोटो)
पुलिस के अनुसार, पीड़ित जो द्वारका से करोल बाग खरीदारी के लिए आया था, उससे दो लोगों ने संपर्क किया और बातचीत करने की कोशिश की। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए उसे नकदी के बंडलों के रूप में दिखाए गए नोट दिखाए और कहा कि अगर वह पैसे को बैंक खाते में जमा कराने में मदद करेगा तो वे राशि साझा करेंगे। जब पीड़ित को शक हुआ और वह अस्पताल की ओर भागने लगा, तो आरोपी उसका पीछा करने लगे और जंगल क्षेत्र में उस पर हमला कर दिया। इस दौरान पीड़ित के सिर पर ईंट से चोट पहुंचाई गई।
4 लोगों को किया गया गिरफ्तार
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने पीड़ित का आईफोन छीनकर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन किया और सभी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान इबरार (23), सुलेमान (22), आशिक खान (27) और असलम (34) के रूप में हुई, जो सभी बवाना के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि असलम गिरोह का सरगना है। जांच के दौरान करोल बाग, सोनिया विहार और बवाना के 200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। इसके अलावा, चोरी हुए फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिली।
पूछताछ में आरोपियों ने किया ये खुलासा
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की मौजूदगी पीतमपुरा के पास एक वैन में नोट की गई। थोड़ी देर उनका पीछा करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने यह खुलासा किया कि वे नकली नोटों के बंडल बनाते थे, जिन पर एक 500 रुपये का असली नोट रखकर पीड़ितों को नकद मिलने का लालच देते और उनसे ऑनलाइन भुगतान करवा लेते थे। जब पीड़ित इस झांसे में नहीं आते, तो वे मारपीट और झपटमारी का सहारा लेते थे।
(इनपुट - भाषा)
