Delhi News: दिल्ली पुलिस ने बहु-राज्यीय स्तर पर सक्रिय एक कथित मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में लगभग 48 किलोग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी साझा की।
कई राज्यों में ड्रग्स की तस्करी करने वाले रैकेट का पर्दाफाश (सांकेतिक फोटो)
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह नशीली दवाओं के निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल की कथित तौर पर अवैध खरीद करता था और फिर बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के प्रतिबंधित दवाओं की गैरकानूनी री-पैकेजिंग कर उन्हें अलग-अलग राज्यों में बेचता था। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा में एक साथ की गई सुनियोजित कार्रवाई के जरिए स्थानीय स्तर पर सप्लाई करने वालों से लेकर अंतरराज्यीय तस्करों तक फैली पूरी आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ा गया है।
पिछले साल से हो रही थी मामले की जांच
अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच पिछले वर्ष सितंबर में शुरू हुई थी, जब पुलिस को मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप की संभावित आवाजाही की गोपनीय सूचना मिली थी। इस इनपुट के आधार पर दिल्ली के लाजपत नगर क्षेत्र से अनिरुद्ध राय नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया, जिसके पास से करीब दो किलोग्राम पाउडर रूप में ट्रामाडोल बरामद हुआ। इसके बाद दर्ज मामले की जांच के दौरान तकनीकी साधनों और मानव खुफिया जानकारी के सहारे एक व्यापक नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके चलते कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा गया।
ऐसे-ऐसे हुई गिरफ्तारी
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश से मनोज राय को हिरासत में लिया। उसकी पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर दिल्ली में किशन पाल उर्फ भुल्लर को गिरफ्तार किया गया। भुल्लर के घर की तलाशी लेने पर पुलिस को 503 ग्राम अल्प्राजोलम नामक प्रतिबंधित नशीली दवा मिली। इसके बाद जांच में कृष्ण तंवर की संलिप्तता सामने आई, जिसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। इसी क्रम में हरियाणा निवासी एक अन्य आरोपी मनोज कुमार को सिंघु बॉर्डर के पास वाहन जांच के दौरान रोकने की कोशिश की गई।
मादक पदार्थ जब्त
आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके वाहन से लगभग 5.012 किलोग्राम ट्रामाडोल बरामद किया गया। आगे चलकर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में की गई संयुक्त छापेमारी में दो और आरोपियों प्रशांत और अमित को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से प्रतिबंधित दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई किलोग्राम पाउडर के रूप में मादक पदार्थ जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, इस मामले की जांच अभी जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के साथ-साथ दवाओं की आपूर्ति करने वालों की भी पहचान की जा रही है।
(इनपुट - भाषा)
