सुप्रीम कोर्ट ने चांदनी चौक क्षेत्र में अदालत की रोक के बावजूद अनधिकृत निर्माण होने की कड़ी आलोचना की और दिल्ली पुलिस से कहा कि 'एक ईंट भी रखने वाले' व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाए।न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को क्षेत्र में गश्ती दल तैनात करने और अनधिकृत निर्माण को तत्काल रोकने का निर्देश दिया।पीठ ने कहा, 'पुलिस आयुक्त क्षेत्र में गश्त के लिए पुलिस दल तैनात करना जारी रखेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा पारित सभी तोड़फोड़ आदेशों का सावधानीपूर्वक पालन किया जाए जिन पर अदालतों ने रोक नहीं लगायी है। जहां अवैध/अनधिकृत निर्माण हो रहे हैं, ऐसी संपत्तियों को तत्काल सील किया जाए।'अगली सुनवायी पर स्थानीय डीसीपी से अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया।
चांदनी चौक_ सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो: istock)
पीठ ने कहा, 'आप (पुलिस) हर दिन गश्त के लिए टीम तैनात करें और अगर कोई एक ईंट भी रखता पाया जाता है, तो उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। यह नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से जारी पूरी तरह से एक धोखाधड़ी है। इसे रोका जाना चाहिए।' एक रिहायशी संपत्ति की ग्राउंड फ्लोर पर रह रही एक बुजुर्ग महिला के मामले का उल्लेख करते हुए पीठ ने कहा कि उसी संपत्ति की दूसरी मंजिल को बिल्डर द्वारा गैरक़ानूनी रूप से व्यावसायिक परिसर में बदल दिया गया।
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पीठ ने दिल्ली नगर निगम के वकील से कहा, '2022 से इस बिल्डर ने उस संपत्ति पर निर्माण कार्य शुरू किया। ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाली यह बुजुर्ग महिला इस निर्माण को रोकने के लिए हर जगह गुहार लगाती रही। लेकिन आपने (नगर निगम) कुछ नहीं किया। जब हम आदेश पारित करते हैं, तो आप जाकर सब तोड़फोड़ कर देते हैं। इतने समय आप लोग कहां थे?'पीठ ने अधिकारियों से बिल्डर का पूरा विवरण मांगा और कहा कि उसके खिलाफ उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पीठ ने इलाके की कुछ तस्वीरें देखने के बाद आदेश दिया, 'जो लोग इस अवैध निर्माण में शामिल हैं, उन्हें गिरफ़्तार किया जाए। हम देखेंगे कि अगर उन्होंने अपनी हरकतें नहीं सुधारीं तो उन्हें जमानत कौन देता है।' उच्चतम न्यायालय ने एमसीडी से क्षेत्र का निरीक्षण रिपोर्ट दाखिल करने को कहा और पहले दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
शीर्ष अदालत ने 23 मई को दिल्ली पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि चांदनी चौक इलाके में टीम तैनात की जाए ताकि अदालत के प्रतिबंध के बावजूद हो रहे अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जा सके।आदेश तब पारित किया गया जब अदालत को बताया गया कि चांदनी चौक के फतेहपुरी इलाके में व्यावसायिक परिसरों के निर्माण और आवासीय भवन तोड़ने पर रोक लगाने के शीर्ष अदालत के आदेश के बावजूद अनधिकृत निर्माण कार्य किया जा रहा है।
उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली नगर निगम से पूछा कि उसने क्षेत्र में अनधिकृत निर्माणों को हटाने के लिए क्या कार्रवाई की।न्यायालय ने 13 मई को निर्देश दिया था कि रिहायशी इमारतों को व्यावसायिक परिसरों में बदलने का काम भी रोक दिया जाए।इसके साथ ही, अदालत ने याचिकाकर्ता और अन्य हस्तक्षेपकर्ताओं को अनुमति दी कि वे उन स्थानों की वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी कर सकें, जहां अवैध निर्माण कार्य चल रहा है। यह सुनवायी एक याचिकाकर्ता द्वारा व्यक्तिगत रूप से दायर याचिका पर हो रही थी, जिसमें दावा किया गया था कि नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से इलाके में अवैध निर्माण जारी है।
भाषा इनपुट
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