नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक देशव्यापी सेक्सटॉर्शन और साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में 6 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 9 अन्य को पाबंद किया गया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह फर्जी बैंक खाते, सिम कार्ड, और अश्लील वीडियो का इस्तेमाल कर लोगों को ब्लैकमेल और ठगी करता था।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सेक्सटॉर्शन और साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया
इनके पास से पुलिस को 28 मोबाइल फोन, 30 सिम कार्ड, 2 लैपटॉप, 8 चेकबुक और 15 डेबिट कार्ड बरामद हुए है जिन्हें जब्त किया गया है। करोड़ों की ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए कई फर्जी बैंक दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए गए है। पीड़ितों को ब्लैकमेल करने वाले कई आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें मिलीं है।
5 करोड़ से ज्यादा की मनी ट्रेल की पहचान
इस गैंग की जड़ें दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में फैली हुई थीं। गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिका निभाते थे—कोई सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर शिकार तलाशता था, तो कोई पुलिस अफसर बनकर धमकाता था। कुछ लोग फर्जी लोन देने का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठते थे।
मोबाइल फोन जब्त
नई अशोक नगर इलाके में पुलिस को एक संदिग्ध कंसाइनमेंट की सूचना मिली थी जिसमें फर्जी बैंक अकाउंट किट्स होने का शक था। पुलिस ने मयूर विहार फेज-1 एक्सटेंशन इलाके में दबिश देकर तीन लोगों—उज्ज्वल पांडे (30), गौरव बरुआ (24) और युग शर्मा (19)—को गिरफ्तार किया। इनके पास से कई फर्जी बैंक दस्तावेज, एक्टिवेटेड सिम कार्ड और मोबाइल फोन मिले।
फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद मुंडका में एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा हुआ। यहां से दिलशाद अली नामक आरोपी को पकड़ा गया, जो इस कॉल सेंटर का मास्टरमाइंड था। यह गिरोह लोगों को लोन देने का झांसा देता था और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर QR कोड भेजकर पैसे ऐंठता था। पैसे मिलते ही फोन बंद और नंबर बदल दिए जाते थे।
जांच के दौरान सेक्सटॉर्शन गिरोह का पर्दाफाश
जांच के दौरान नई अशोक नगर में एक और बड़ी कार्रवाई हुई, जिसमें सेक्सटॉर्शन गिरोह का पर्दाफाश हुआ। यह गिरोह फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए पहले दोस्ती करता, फिर अश्लील वीडियो कॉल कर स्क्रीन रिकॉर्ड करता और बाद में उन्हीं वीडियो से ब्लैकमेल करता था।
आरोपियों के प्रोफाइल
- उज्ज्वल पांडे: पहले साइबर कैफे चलाता था, बाद में फर्जी अकाउंट और सिम कार्ड का धंधा शुरू किया।
- गौरव बरुआ: बीमा कंपनी में काम करता था, टेलीग्राम के ज़रिए इस धंधे में आया।
- युग शर्मा: गौरव का दोस्त, फर्जी सिम और अकाउंट किट की सप्लाई करता था।
- दिलशाद अली: पहले बीमा कंपनी और कॉल सेंटर में काम करता था, अब फर्जी लोन कॉल सेंटर चलाता था।
- जाहिद, रहीश, सोहिल, जयश्री, जयवीर: सभी राजस्थान से दिल्ली आकर सेक्सटॉर्शन रैकेट से जुड़े थे।
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