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दिल्ली में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग में करोड़ों का घोटाला, इंजीनियर और ठेकेदार गिरफ्तार

दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग (I&FC) में करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश करते हुए एक सस्पेंडेड एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और ठेकेदार को गिरफ्तार किया है।

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एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और ठेकेदार गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग (I&FC) में करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश करते हुए एक सस्पेंडेड एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और ठेकेदार को गिरफ्तार किया है। ACB की जांच में सामने आया कि विभाग ने जिन कामों के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर दिए, वो ज़मीन पर कभी हुए ही नहीं। दिल्ली के सिरासपुर गांव में नालों और सड़कों का काम केवल कागज़ों पर हुआ।

जांच में सामने आए बड़े खुलासे:

₹4.6 करोड़ से ज्यादा की फर्जी भुगतान – जिन निर्माण कार्यों का कोई अस्तित्व ही नहीं, उनके लिए पूरी रकम ठेकेदारों को दे दी गई। करीब ₹2.24 करोड़ की 3 परफॉर्मेंस बैंक गारंटियाँ जमा कराई गईं जो जांच में नकली पाई गईं। ये रंगीन कॉपियाँ असली बैंकों से जारी नहीं हुई थीं। रिपोर्ट्स और मापतौल में भी धोखाधड़ी – मटीरियल टेस्ट रिपोर्ट्स और माप की बुक (CMB) भी फर्जी निकलीं। असली CMB तो ग़ायब है।

निरीक्षण और सर्टिफिकेशन नहीं हुआ – तय प्रक्रिया के अनुसार कोई चेकिंग या इंजीनियरों की मंज़ूरी नहीं ली गई।बाबा कंस्ट्रक्शन कंपनी को सिरासपुर में RCC नाले और सड़कों के लिए ₹5.3 करोड़ के टेंडर मिले। बिना कोई काम किए ₹4.2 करोड़ निकाल लिए गए। अंबा कंस्ट्रक्शन कंपनी को बुराड़ी में CTP नेटवर्क के मरम्मत काम के लिए ₹43.74 लाख दिए गए, जबकि ज़मीनी हकीकत में कुछ नहीं हुआ। ACB अब इस घोटाले में और सरकारी अधिकारियों और प्राइवेट लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ और विभागीय कार्रवाई हो सकती है।

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Mohit Om
मोहित ओमauthor

जनमानस की खबर को पाठकों तक पहुंचाना ही एकमात्र लक्ष्य। एक दशक से ज्यादा पत्रकारिता का अनुभव। अपराध के पीछे की साजिश को बेपर्दा करने वाली हर खबर पर पैनी निगाह रखता हूँ।

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