लाल किला ब्लास्ट की कार मिस्ट्री: 11 साल में 5 बार बिकी i20, आतंकी साजिश का बनी हिस्सा

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई आई20 कार को लेकर चली जांच में सामने आया है कि 11 साल के अपने जीवनकाल में ये कार करीब 5 बार बेची गई है। आखिरी बार कार को डॉ उमर नबी द्वारा पैसे देकर खरीदवाया गया था। आरसी ट्रांसफर होने से पहले ही कार में धमाका कराया गया। एजेंसी अब कार से जुड़े सभी व्यक्तियों की भूमिका और उनके बीच के संबंधों की जांच में जुटी हुई है।

Delhi Blast: दिल्ली के लाल किला विस्फोट मामले में इस्तेमाल हुई कार की जांच की गई तो पाया गया कि पहली बार कार को 11 साल पहले खरीदा गया था। उसके बाद कार कई बार बेची गई। जांच एजेंसियां को पता चला है कि यह कार अपने 11 साल के जीवनकाल में 5 बार बेची जा चुकी थी। उसके बाद कार एक आतंकी साजिश का हिस्सा बनी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार पहली बार 18 मार्च 2014 को नदीम ने गुरुग्राम के शोरूम से खरीदी थी। उसके तीन साल के बाद ही इस कार को बेच दिया गया।

Delhi Car Blast

दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई कार 5 बार बेची गई (Photo- ANI)

तीन साल बाद सलमान को बेची गई कार

शोरूम से खरीदने के 3 साल बाद नदीम ने 2017 में आई20 कार को गुरुग्राम में ही सलमान नाम के एक व्यक्ति को बेची थी। सलमान ने इक कार अपने नाम रजिस्टर्ड करा लिया था। इसके बाद मार्च 2024 में, सलमान ने इसे एक एजेंसी के जरिए दिल्ली में रहने वाले देवेंद्र नाम के व्यक्ति को बेचा, लेकिन कार उसके नाम पर ट्रांसफर नहीं हो पाई। यानी कार उस दौरान भी सलमान के नाम पर ही रजिस्टर्ड रही। बाद में इस कार को देवेंद्र नफिर एक्सचेंज ऑफर के तहत एक फरीदाबाद के सेक्टर-37 स्थित रॉयल कार जोन के मालिक अमित पटेल को बेचा।

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