Air Pollution: काम का नहीं पुरानी AQI, बनेंगे नए मानक, गिना जाएगा PM 1

देशभर में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के मानकों में बदलाव की योजना बनाई जा रही है। कुछ पुराने मानकों को हटाने और नए मानकों को शामिल करने की संभावना है। इस संबंध में आईआईटी कानपुर द्वारा एक शोध रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसके आधार पर नए मानक निर्धारित किए जाएंगे।

Air Pollution: वायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई को और पुख्ता करने के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के मानकों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि देश में AQI के मानक बदले जा रहे हैं। इसके तहत कुछ पुराने मानकों को हटाकर नए मानक जोड़े जा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने तरीके से अब बहुत काम के नहीं रह गए हैं।

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देश भर में बदलेंगे AQI के मानक

फिलहाल AQI का जो निर्धारण है वह मई 2015 से लागू आठ मानकों के आधार पर किया जा रहा है, जिसमें पीएम 2.5, पीएम 10, कार्बन मोनोक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, लेड और अमोनिया शामिल हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि इनमें से कई मानक अब प्रासंगिक नहीं रह गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, लेड की ऑनलाइन निगरानी संभव नहीं है और SO2 और अमोनिया का स्तर सामान्य से अधिक नहीं होता। पीएम 10 के उत्सर्जन के स्रोत भी प्राकृतिक हैं, जिससे इस पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। इसके परिणामस्वरूप, AQI और वायु प्रदूषण का सही स्तर नहीं आ पाता। विशेषज्ञों का सुझाव है कि पीएम 10 को हटाकर इसके स्थान पर पीएम 1 को शामिल किया जा सकता है, क्योंकि पीएम 1 के महीन कणों की निगरानी करना आवश्यक हो गया है।

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