Delhi Weather: राजधानी दिल्ली में कड़ाके की ठंड है और लोग अपने घरों में कैद हैं। दिल्ली का तापमान पर्वतीय इलाकों शिमला एवं मसूरी से भी कम हो गया है। दिल्ली के रिज एवं आयानगर केंद्र पर 2.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बीते दो सालों में यह दिल्ली का सबसे न्यूनतम तापमान है। वहीं डलहौजी का न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस, धर्मशाला 5.2, कांगड़ा 3.2, शिमला 3.7, देहरादून 4.6, मसूरी 4.4, नैनीताल 6.2 रहा। दिल्ली की सर्दी पर गाने भी बने हैं। आखिर ऐसी क्या वजह है कि दिल्ली में सर्दी और गर्मी दोनों अधिक रहती है।
दिसंबर और जनवरी के महीने में दिल्ली भयंकर सर्दी की गिरफ्त में रहती है। दिल्ली के करीब एनसीआर का भी यही हाल रहता है। दिल्ली में इस सर्दी के पीछे की वजह यहां की भौगोलिक स्थिति है। दरअसल, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाली हवाओं का असर दिल्ली पर भी पड़ता है। दिसंबर और जनवरी में इन देशों से सर्द हवाएं आती हैं। इन हवाओं से उत्तर और उत्तर-पश्चिम के इलाके में बारिश होती है। इस वजह है दिसंबर और जनवरी में दिल्ली में सर्दी काफी हो जाती है।
बर्फबारी है वजह
दिल्ली के आसपास कई पहाड़ी क्षेत्र हैं। पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी होती है तो उसका असर दिल्ली पर पड़ता है और यहां ठंड बढ़ जाती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में होने वाली बर्फबारी का सबसे पहले असर दिल्ली पर होता है। इन दोनों भौगोलिक कारणों के अलावा नमी के कारण सुबह हल्की धुंध बनी रहती है और धूप नहीं आ पाती। धूप नहीं आने की वजह से मौसम सर्द बना रहता है।
क्यों पड़ती है ज्यादा गर्मी
दिल्ली में सर्दी की तरह गर्मी भी अधिक रहती है। independent.co.uk की एक रिपोर्ट कहती है कि हवाओं की दिशा या रुख परिवर्तन से तापमान भी काफी प्रभावित होता है।दिल्ली गर्म प्रदेशों से घिरा है और जब हवा का रुख परिवर्तन होता है तो गर्मी तेज हो जाती है।
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