Delhi-Mumbai Expressway: यह एक्सप्रेसवे होगा देश का पहला ई-हाईवे, यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 12, 2023, 06:21 PM IST

Delhi-Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को इस साल के अंत से इलेक्ट्रिक हाईवे के रूप में डेवलप करने का कार्य शुरू हो जाएगा। इस आठ लेन के एक्‍सप्रेसवे के चार लेन को ई-स्ट्रेच के रूप में डेवलप किया जाएगा। इसका उपयोग ट्रक और बसें जैसे भारी वाहन कर सकेंगे। बिजली से चलने पर इन वाहनों के लॉजिस्टिक लागत में करीब 70 प्रतिशत तक की कमी आएगी।

KEY HIGHLIGHTS
  • आठ लेन के एक्‍सप्रेसवे का चार लेन डेवलप होगा ई-स्ट्रेच
  • इस साल के अंत से शुरू होगा ई-स्‍ट्रेच का निर्माण कार्य
  • भारी वाहनों के लॉलिस्‍टक में 70 फीसदी कमी आने का अनुमान

Delhi-Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे उद्घाटन होने के बाद से ही चर्चा में बना हुआ है। एक्‍सप्रेसवे के सोना से दौसा तक के खंड पर इस समय वाहन फर्राटा भर रहे हैं। इस एक्‍सप्रेसवे ने दिल्‍ली से जयपुर की दूरी को आधा कर दिया है। यात्रा का समय कम करने के साथ ही यह एक्सप्रेसवे यात्रियों को कई सुविधाएं भी दे रहा है। यह एक्‍सप्रेसवे अब एकबार फिर से चर्चा में बना है। यूनियन रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्री नितिन गडकरी ने हालही में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्‍ली-मुंबई एक्‍सप्रेसवे देश का पहला इलेक्ट्रिक हाईवे बनेगा। इसके फोर लेन पर ई-स्ट्रेच बनाया जाएगा। इस स्‍ट्रेच का निर्माण इसी साल शुरू होगा।

Delhi-Mumbai Expressway

दिल्‍ली-मुंबई एक्‍सप्रेसवे

भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अधिकारियों ने बताया ई-हाईवे स्ट्रेच का निर्माण मुख्य रूप से इस एक्‍सप्रेसवे पर चलने वाले भारी वाहनों को समायोजित करने के लिए किया जाएगा। यह यातायात को कम करने के साथ लॉजिस्टिक लागत में भी भारी कटौती करेगा। अधिकारियों के अनुसार ई-हाईवे पर ट्रक और बसें 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। इस स्‍ट्रेच पर चलने वाले वाहन इलेक्ट्रिक केबल से कनेक्‍ट होंगे। डीजल के बजाय बिजली से चलने पर इन वाहनों के लॉजिस्टिक लागत में लगभग 70 प्रतिशत तक कम होने का अनुमान है। इस आठ लेन के एक्सप्रेसवे पर दोनों तरफ के दो-दो लेन इलेक्ट्रिक वाहनों को समर्पित होंगे। अधिकारियों के अनुसार इस एक्‍सप्रेसवे का निर्माण इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा, जिसके बाद ई-स्‍ट्रेच का निर्माण शुरू होगा।

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