सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने इस बार पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शुरू हुआ “विंटर एक्शन प्लान 2025–26” अब सिर्फ कागज पर नहीं, बल्कि ज़मीन पर दिखेगा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा दिल्ली अब सर्दियों के लिए तैयार है विज्ञान, डेटा और एक्शन तीनों पर फोकस है। हर एजेंसी जवाबदेह है और हर कदम रियल टाइम मॉनिटर होगा।
क्या है दिल्ली का विंटर एक्शन प्लान?
सरकार ने इस साल प्रदूषण नियंत्रण के लिए 7 थीम और 25 एक्शन पॉइंट तय किए हैं। इसमें शामिल हैं सड़क धूल और निर्माण नियंत्रण, वाहन प्रदूषण, उद्योगों का उत्सर्जन, कचरा जलाना, खेतों में पराली, नागरिक भागीदारी और ग्रीन टेक्नोलॉजी। करीब 30 से ज़्यादा एजेंसियां मिलकर इस प्लान को लागू करेंगी।
सड़कों पर धूल नहीं
अब दिल्ली की सड़कों पर 86 मैकेनिकल स्वीपर, 300 स्प्रिंकलर और 362 एंटी-स्मॉग गन लगातार काम कर रहे हैं। इसके अलावा 70 नए स्वीपर भी जल्द जुड़ेंगे।
हर बड़ी सड़क की वैक्यूम क्लीनिंग होगी और GPS से रूट ट्रैकिंग होगी।निर्माण साइट पर नियम सख़्त 500 वर्गमीटर से बड़े प्रोजेक्ट्स को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, और 3,000 वर्गमीटर से ज़्यादा के प्रोजेक्ट्स पर एंटी-स्मॉग गन लगाना ज़रूरी होगा।
वाहन प्रदूषण पर नकेल
सड़कों पर अब 578 टीमें वाहनों की जांच कर रही हैं। 953 पीयूसी केंद्र ट्रांसपोर्ट विभाग के लाइव डैशबोर्ड से जुड़े हैं।गंभीर स्थिति (GRAP III या IV) में पार्किंग शुल्क दोगुना होगा ताकि निजी वाहनों का इस्तेमाल घटे। डीएमआरसी की ई-ऑटो फ्लीट 2,299 तक पहुंच गई है और ईवी का हिस्सा 12% से ज़्यादा रहेगा।
उद्योगों से निकलने वाला धुआं अब बैन
दिल्ली के सभी उद्योग अब पीएनजी पर चल रहे हैं। डीजी सेट्स का इस्तेमाल सिर्फ उन्हीं जगहों पर होगा जो पर्यावरण नियमों का पालन कर रहे हैं। डीएसआईआईडीसी और डीपीसीसी की संयुक्त टीमें अनधिकृत ईंधन पर सख्ती करेंगी।
कचरा जलाना और लैंडफिल में आग : अब बीते दिनों की बात
दिल्ली सरकार के मुताबिक, 2025 में किसी भी लैंडफिल में आग नहीं लगी। अब तक 136.27 लाख टन पुराने कचरे की बायोमाइनिंग पूरी हो चुकी है। नए Waste-to-Energy और Biogas प्लांट्स से जल्द 7,000 TPD अतिरिक्त क्षमता जुड़ जाएगी।खेतों में पराली के लिए 100% समाधान
दिल्ली के खेतों में PUSA Decomposer का 100% छिड़काव हो चुका है।
इससे किसानों को पराली जलाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
साथ ही, RWA को हीटर दिए गए हैं ताकि गार्ड खुले में आग न जलाएं।
दिवाली पर सिर्फ ग्रीन पटाखे
दिल्ली में इस बार सिर्फ NEERI प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही चल सकेंगे।
18 और 19 अक्तूबर को सुबह 6–7 और रात 8–10 बजे के बीच तय जगहों पर ही अनुमति होगी।
पटाखों पर QR कोड ज़रूरी होगा, वरना कार्रवाई तय।
मॉनिटरिंग होगी हाई-टेक
Green Delhi App से अब तक 96,000 शिकायतें निपटाई जा चुकी हैं।
मार्च 2026 तक 6 नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगेंगे।
IIT कानपुर और IMD के साथ मिलकर क्लाउड सीडिंग (कृत्रिम बारिश) का ट्रायल भी होगा।
मनजिंदर सिंह सिरसा, पर्यावरण मंत्री ने कहा हम हर दिन, हर घंटे मॉनिटरिंग कर रहे हैं।हर कार्रवाई डेटा पर आधारित होगी। अब दिल्ली की हवा में बदलाव नज़र आएगा।
मुख्य हाइलाइट्स :
7 थीम, 25 एक्शन पॉइंट
30 से ज़्यादा एजेंसियां
86 स्वीपर, 300 स्प्रिंकलर, 362 एंटी-स्मॉग गन
578 वाहन जांच टीमें
2025 में लैंडफिल में शून्य आग
136.27 लाख टन कचरे की बायोमाइनिंग
100% PUSA Decomposer छिड़काव
सिर्फ ग्रीन पटाखों की अनुमति
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