दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त कदम; वाहनों के फर्जी नो-एंट्री परमिट पर लगेगा ब्रेक, दस्तावेजों की होगी कड़ी जांच

दिल्ली हाई कोर्ट ने वाहनों के नो-एंट्री परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की जांच करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि आवेदनों के साथ प्रस्तुत दस्तावेजों का उचित और सटीक वेरिफिकेशन किया जाना चाहिए।

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम आदेश में यह स्पष्ट किया है कि वाहनों के नो-एंट्री परमिट के लिए किए जा रहे ऑनलाइन आवेदनों और उनके साथ संलग्न दस्तावेजों की सही ढंग से जांच और वेरिफिकेशन अनिवार्य है। यह निर्देश निशांत गुलाटी द्वारा दायर जनहित याचिका के निपटारे के दौरान जारी किया गया, जिसमें नो-एंट्री परमिट के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था।

Court order on fake no-entry permit checking

फर्जी नो-एंट्री परमिट की जांच जरूरी

याचिकाकर्ता के वकील आदित्य कादयान ने कोर्ट को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में परिवहन माफिया सक्रिय है और जरूरी सामान के नाम पर फर्जी परमिट जारी कर वाहन शहर में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे सड़क सुरक्षा को खतरा हो रहा है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने 21 मार्च 2025 को एक स्थायी आदेश जारी किया है, जिसके तहत ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई और फर्जी दस्तावेजों की पहचान के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

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