Yamuna Pollution: बहती यमुना का चाहे जितना भी धार्मिक सांस्कृतिक महत्व हो लेकिन ये शहर नदी को ताक पर रख देता है। अब इस पवित्र नदी की पवित्रता केवल मानसिक बची है, यमुना अब प्रदूषित नदियों में गिनी जाती है। दिल्ली से यमुना का करीब 22 किलोमीटर का हिस्सा लगता है, यानी पूरी नदी का केवल 2 प्रतिशत हिस्सा, फिर भी नदी का 80 प्रतिशत से अधिक प्रदूषण यहीं से होता है। ऐसा नहीं है इसको साफ करने की कवायद नहीं हुई है लेकिन इसके परिणाम कुछ खास नहीं दिखे।
दिल्ली में बनेंगे 27 DSTP (फाइल फोटो)
दिल्ली में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान यमुना प्रचार अभियान के केंद्र में रही। अब रेखा गुप्ता की दिल्ली सरकार ने इसे साफ करने का जिम्मा उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी की बैठक के दौरान 27 डीसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTP) के निर्माण को मंजूरी दी, जिसकी लागत करीब 3 हजार करोड़ रुपये होगी। इस परियोजना का उद्देश्य यमुना नदी की सफाई और संरक्षण करना है।
3140 करोड़ की आएगी लागत
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी की पहली बैठक हुई। जिसके बाद उन्होंने बताया कि यमुना की सफाई के लिए एक चरणबद्ध कार्ययोजना लागू की जा रही है। इस कार्ययोजना में नालों की सफाई, उनका विस्तार, आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। दरअसल बिना किसी ट्रीटमेंट के सीवेज को यमुना में बहा देना नदी के प्रदूषण का सबसे बड़े कारण है। इसी कड़ी में 27 DSTP बनाए जाएंगे। इस परियोजना में 3140 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सीवर लाइन को DSTP से जोड़ा जाएगा। कुल मिलाकर इस परियोजना से ये सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी नाला यमुना में सीधे न गिर पाए।
लगेंगे 27 डीसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
दिल्ली में कुल 27 DSTP लगाए जाएंगे। इससे दिल्ली की अधिकांश कॉलोनियों को बढ़ते जल प्रदूषण, दुर्गंध और गिरते वॉटर लेवल में कमी आएगी। मिली जानकारी के मुताबिक टेंडर जारी होने के बाद ये STP 18 महीनों में बनकर तैयार हो जाएंगे। इन डीसेंट्रलाइज्ड STP को वाजिदपुर ठाकरान, मुंडका, नरेला, बवाना, औचंदी, ताजपुर खुर्द, कंझावला, माजरी, घेवड़ा गांव, जौनापुर, बिजवासन, सलाहपुर, पंजाब खोर, कुतुबगढ़, टिकरी कलां, मोहम्मदपुर माजरी, निजामपुर, जौंती, बवाना समेत कुल जगहों पर बनाया जाएगा। DSTP से ट्रीट हुए पानी का इस्तेमाल पीने को छोड़कर स्थानीय स्तर पर जल निकायों को पुनर्जीवित करने, बागवानी और बाकी के कामों में किया जा सकता है।
यमुना की सफाई केवल पर्यावरणीय लक्ष्य नहीं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना नदी दिल्ली की जीवन रेखा है और इसकी सफाई और संरक्षण दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आज स्वीकृत की गई परियोजना में एक बहुपक्षीय और चरणबद्ध कार्ययोजना शामिल है, जिसमें नाले का उपचार, सीवर नेटवर्क का विस्तार और आधुनिक STP की स्थापना शामिल है। आगे उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी अनुपचारित अपशिष्ट पानी यमुना में न बहे। यमुना का पुनरुद्धार केवल एक पर्यावरणीय लक्ष्य नहीं है, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए एक जिम्मेदारी है जिसे गंभीरता और तत्परता के साथ पूरा किया जा रहा है।
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