Delhi-NCR Pollution : दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बड़े फैसले लिए हैं। आयोग ने घोषणा की है कि सर्दियों की आहट मिलते ही यानी 1 अक्टूबर 2026 से पूरे NCR में जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल, डीजल, CNG या अन्य ईंधन नहीं दिया जाएगा। यह नियम स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरों और अन्य तकनीकी निगरानी प्रणालियों के जरिए लागू किया जाएगा।
दिल्ली-NCR में बिना PUCC वाले वाहनों को नहीं मिलेगा फ्यूल (फोटो-AI)
सीएक्यूएम ने यह आदेश वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से जारी किया है। हालांकि मेडिकल इमरजेंसी, कानून-व्यवस्था, आपदा राहत या सरकार द्वारा अधिसूचित विशेष परिस्थितियों में छूट दी जा सकती है।
इसके साथ ही आयोग ने NCR में इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (L5 कैटेगरी) को बढ़ावा देने के लिए चरणबद्ध योजना भी घोषित की है। इसके तहत दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक L5 थ्री-व्हीलर्स का ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इसके बाद गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जैसे हाई व्हीकल डेंसिटी वाले जिलों में यह नियम 1 जनवरी 2028 से लागू होगा। वहीं NCR के बाकी जिलों में इसे 1 जनवरी 2029 से लागू किया जाएगा।
सीएक्यूएम ने दिल्ली सरकार और NCR राज्यों को निर्देश दिया है कि वे ANPR कैमरों समेत तकनीकी निगरानी सिस्टम को जल्द स्थापित और पूरी तरह ऑपरेशनल करें, ताकि आदेशों का प्रभावी तरीके से पालन कराया जा सके।
इससे पहले हाल ही में सीएक्यूएम ने दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए GRAP के स्टेज-1 के तहत लागू पाबंदियों को हटा दिया था। आयोग के मुताबिक आने वाले दिनों में AQI ‘संतोषजनक से मध्यम’ श्रेणी में रहने की संभावना है।
पराली जलाने की घटनाओं की समीक्षा
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की 28वीं पूर्ण बैठक शुक्रवार को यहां आयोजित हुई, जिसमें अप्रैल-मई के दौरान पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में अचानक हुई वृद्धि की समीक्षा की गई और संबंधित राज्य सरकारों एवं एजेंसियों को सख्त प्रवर्तन तंत्र लागू करने का निर्देश दिया गया।
आयोग ने पाया कि एक अप्रैल से 15 मई के बीच पंजाब में ऐसी 8,986 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि 2025 में इसी अवधि के दौरान 6,474 मामले दर्ज किए गए थे। एक अधिकारी ने बताया कि हरियाणा में इस अवधि के दौरान 3,290 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 1,503 घटनाएं दर्ज की गई थीं।
बैठक के दौरान, सीएक्यूएम ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के उपायों पर भी चर्चा की और पूरे क्षेत्र में सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों (सीएएक्यूएमएस) से जुड़े नेटवर्क को मजबूत करने की प्रगति की समीक्षा की।
अधिकारी ने बताया, ’’दिल्ली-एनसीआर में कुल 46 अतिरिक्त सीएएक्यूएमएस (दिल्ली में 14, हरियाणा में 16, उत्तर प्रदेश में 15 और राजस्थान में एक) स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है, जिससे निगरानी स्टेशनों की कुल संख्या 157 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आयोग ने एनसीआर राज्यों द्वारा शेष स्टेशनों की शीघ्र स्थापना पर जोर दिया है।
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