DelhI: अगर आप पानी के गड़बड़ बिल से परेशान हैं और आपको लगता है कि आपको पानी के उपयोग से अधिक भुगतान करना पड़ रहा है, तो अब भुगतान मत करिए। यह सलाह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आम लोगों को दी है। सीएम ने कहा कि, दिल्ली सरकार गलत बिलों को सही करने के लिए एक बड़ी योजना ला रही है। जिसके बाद लोगों को पानी के अनाप-शनाप बिल से राहत मिल जाएगी। दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम केजरीवाल ने यह भी माना कि दिल्ली में पानी के गलत बिलों की बड़ी समस्या है। लोगों को इससे राहत देने के लिए बड़ी योजना पर कार्य किया जा रहा है। हालांकि सीएम ने यह नहीं बताया कि, सरकार किस तरह की योजना ला रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते सीएम केजरीवाल
सीएम केजरीवाल पटपड़गंज इलाके में 110 लाख लीटर क्षमता के भूमिगत जलाशय और बूस्टर पंपिंग स्टेशन का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इसकी कार्यक्रम में सीएम ने यह भी कहा कि जिन लोगों को शक है कि उनके पानी का बिल गलत तरीके से बना है, वे बिल का भुगतान रोक सकते हैं। सीएम ने कहा कि उनके पास ऐसी शिकायतों की भरमार है, जिसमें कहा गया है कि, दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) पानी का गलत बिल भेज रहा है। अधिकारियों के अनुसार, सरकार जल्द ही पानी के बिल के लिए सेटलमेंट स्कीम या माफी योजना ला सकती है।
दिल्ली को 1300 एमजीडी पानी की जरूरत
इसी कार्यक्रम में केजरीवाल ने केंद्र सरकार से दिल्ली को मिलने वाले पानी की आपूर्ति बढ़ाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि अभी तक दिल्ली को उसके जरूरत के हिसाब से 800-850 एमजीडी पानी मिल रहा है, लेकिन राजधानी की बढ़ती आबादी की वजह से यहां पानी की कमी हो रही है। सीएम ने कहा कि अगर दिल्ली को प्रतिदिन 1300 एमजीडी पानी मिलने लग तो राजधानी के हर घर में 24 घंटे पानी सप्लाई संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार चाहे तो दिल्ली को उसके पड़ोसी राज्यों से यह पानी मिल सकता है। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ट्यूबवेल और रैनीवेल लगाकर, यूजीआर बनाकर और रेनवॉटर हार्वेस्टिंग से पानी की उपलब्धता को लगातार बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसके बाद भी गंगा और यमुना के पानी का दिल्ली को सख्त जरूरत है।देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
