विद्यार्थियों की प्रतिभा, संस्कार और उपलब्धियां ही LBSN संस्कृत विश्वविद्यालय की वास्तविक पहचान: प्रो. मुरलीमनोहर पाठक

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली का द्वितीय दीक्षांत समारोह 6 अक्टूबर 2026 को आयोजित होगा। समारोह में करीब 1500 विद्यार्थी शामिल होंगे। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में दीक्षांत संबोधन देंगे, जबकि केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार विशिष्ट अतिथि होंगे। समारोह में 60 विभागीय टॉपरों को मेडल और तीन मेधावी विद्यार्थियों को शंकर दयाल शर्मा मेडल से सम्मानित किया जाएगा।

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के द्वितीय दीक्षांत समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण समारोह में करीब 1500 विद्यार्थी शामिल होंगे। भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को दीक्षांत संबोधन देंगे, जबकि केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। दीक्षांत समारोह की तैयारियों के संबंध में रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को विश्वविद्यालय के वाचस्पति सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक ने समारोह की रूपरेखा, उद्देश्यों और तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।

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कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक की फाइल फोटो।

उन्होंने कहा कि किसी विश्वविद्यालय की वास्तविक पहचान उसके भवनों या संसाधनों से नहीं, बल्कि वहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की प्रतिभा, संस्कार, उपलब्धियों और समाज के प्रति उनके योगदान से बनती है।कुलपति ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों को केवल उपाधि प्रदान करने का अवसर नहीं है।

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