Delhi News: पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में कचरा इकट्ठा करने के दौरान 27 वर्षीय संविदा सफाई कर्मचारी अनिल की चाकू घोंपकर की गई हत्या के बाद दिल्ली भर के सफाई कर्मचारियों और ऑटो-टिपर ड्राइवरों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने लाल बहादुर शास्त्री (LBS) अस्पताल के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक अंतिम संस्कार के लिए शव लेने से मना कर दिया। सफाई कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली के कई इलाकों में कचरा उठाने वाले ऑटो-टिपर सड़कों से नदारद रहे, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है।
हत्या के विरोध में सफाई कर्मचारियों ने दिल्ली नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया
1 करोड़ रुपये का मुआवजा और पक्की नौकरी की मांग
लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के बाहर जमा हुए कर्मचारियों ने आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी, निजी ठेका कंपनी के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार के लिए वित्तीय सहायता की मांग की। दिल्ली सफाई कर्मचारी यूनियन के सदस्य करन सिंह महरोलिया ने कहा कि हमारी मांग है कि मृतक अनिल के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को MCD में पक्की सरकारी नौकरी दी जाए। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक हम अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे और पूरी दिल्ली में ऑटो-टिपर बंद रहेंगे। अस्पताल परिसर और आसपास स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को तैनात किया गया है।
रविवार सुबह हुई थी हत्या की वारदात
घटना रविवार सुबह करीब 8:15 बजे की है, जब अनिल कल्याणपुरी क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान कचरा उठा रहा था। तभी अज्ञात हमलावर ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अनिल को तुरंत लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। अनिल दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा एक निजी ठेका कंपनी के जरिए काम पर रखा गया संविदा कर्मचारी था।
दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की पहचान कर ली गई है, जो फिलहाल फरार है। वहीं, MCD ने रविवार को बयान जारी कर कहा था कि वे अनिल के परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाना सुनिश्चित करेंगे और निगम के प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व आश्वासन दिया है।
