Delhi-NCR Pollution : दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों की एंट्री से पहले ही प्रदूषण अपना घर बना लेता है। करीब 4 महीने तक शुद्ध हवा तो छोड़िए नॉर्मल सांस लेना दूभर हो जाता है। हालांकि, इसके लिए कई तरह के प्रावधान किए जाते हैं, लेकिन अभी तक कोई परमानेंट सॉल्यूशन नहीं निकल पाया है। ऐसे में इस साल सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकार ने निर्माण गतिविधियों को लेकर सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक राजधानी में निर्माण गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
दिल्ली में 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण पर पूरी तरह रोक (फोटो-Istock)
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों से अपील की कि अगर प्रतिबंध के बावजूद कहीं निर्माण कार्य होता दिखाई दे तो इसकी जानकारी एमसीडी, स्थानीय विधायक या सीधे उन्हें दी जाए। उन्होंने कहा कि नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी करने के साथ चेतावनी और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
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रेखा गुप्ता ने बताया कि 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले निर्माण स्थलों की निगरानी दिल्ली सरकार के डस्ट पोर्टल और एआई से लैस कैमरों के जरिए की जाएगी। इन माध्यमों से निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण नियमों के पालन की वास्तविक समय में निगरानी होगी। उल्लंघन सामने आने पर सरकार के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को तत्काल अलर्ट भेजा जाएगा।
GRAP सिस्टम के बावजूद होते हैं निर्माण
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछली सर्दियों में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) लागू होने के बावजूद कुछ जगहों पर निर्माण गतिविधियां जारी रहने की शिकायतें सामने आई थीं। इस बार ऐसे मामलों पर नजर रखने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया गया है।
दिल्ली सरकार ने जुलाई में निर्माण और ध्वस्तीकरण स्थलों की निगरानी मजबूत करने के लिए AI आधारित डस्ट पोर्टल 2.0 शुरू किया था। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की ओर से विकसित इस पोर्टल में GIS आधारित मैपिंग, लाइव 360 डिग्री PTZ कैमरे, PM10 और PM2.5 मापने वाले सेंसर और AI आधारित विश्लेषण प्रणाली को शामिल किया गया है।
इस व्यवस्था के जरिए 500 वर्ग गज या उससे बड़े निर्माण स्थलों पर धूल प्रदूषण नियंत्रण उपायों और नियमों के पालन की निगरानी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य सर्दियों में निर्माण गतिविधियों से होने वाले धूल प्रदूषण पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण करना है।
