Delhi Budget 2026: किसी भी आधुनिक शहर की पहचान उसकी सड़कों की रफ्तार, चौबीसों घंटे बिजली और घर-घर पहुंचता साफ पानी होता है। दिल्ली बजट 2026-27 में इन तीनों मोर्चों पर बदलाव की तैयारी कर ली गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर दिया है कि दिल्ली को अब धूल और लटकती तारों के जंजाल से मुक्ति दिलाई जाएगी।
सड़क-बिजली-पानी के लिए इस बजट में क्या है खास (चित्र साभार: Delhi Assembly Television)
सड़कों की धूल से मुक्ति और स्मूथ ड्राइविंग
दिल्ली की सड़कों को 'वर्ल्ड क्लास' बनाने के लिए सरकार ने 1,392 करोड़ का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इस राशि से राजधानी की 700 किलोमीटर से अधिक मुख्य सड़कों का रिकंस्ट्रक्शन किया जाएगा। लक्ष्य केवल सड़क बनाना नहीं, बल्कि उन्हें 'धूल मुक्त' भी करना है। ट्रैफिक जाम की समस्या को सुलझाने के लिए 500 करोड़ से अधिक का फंड रखा गया है। इसके अलावा, पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए दिल्ली के विभिन्न व्यस्त इलाकों में 25 करोड़ की लागत से नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) बनाए जाएंगे।
लटकते तारों से आजादी और 'सोलर' का उजाला
दिल्ली में अब बिजली की तारें न केवल सुरक्षित होंगी बल्कि शहर की सुंदरता में भी बाधक नहीं बनेंगी। चांदनी चौक की तर्ज पर अब पूरी दिल्ली में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने का मेगा प्रोजेक्ट शुरू होगा। इसके लिए 200 करोड़ का अलग से प्रावधान किया गया है। इससे शॉर्ट सर्किट जैसी दुर्घटनाओं में कमी आएगी। बिजली क्षेत्र के लिए कुल 3,942 करोड़ का बजट रखा गया है। एक अनोखी पहल के तहत, दिल्ली के नालों के ऊपर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे न केवल खाली जगह का उपयोग होगा, बल्कि बिजली उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।
जल बोर्ड के लिए 9 हजार करोड़ का बजट
राजधानी में पानी की किल्लत को हमेशा के लिए खत्म करने के उद्देश्य से दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ का बजट दिया गया है। सरकार का लक्ष्य हर घर तक नल से साफ पानी पहुंचाना है। इसके लिए नई पाइपलाइन बिछाने और पुरानी लीकेज को ठीक करने पर जोर दिया जाएगा। पानी की सप्लाई के साथ-साथ सीवर सिस्टम को भी आधुनिक बनाया जा रहा है ताकि कॉलोनियों में जलभराव की समस्या न हो।
