Delhi News: दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांप्रदायिक दंगों और 2019 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा की विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने का अनुरोध करने वाली सभी याचिकाओं को सोमवार को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि फैसले में दिए गए विस्तृत कारणों के आधार पर याचिकाओं के इस पूरे समूह को निरस्त किया जाता है।
SIT गठन से HC का इनकार
अदालत ने याचिकाओं को दो हिस्सों में बांटा था
पीठ ने अपना आदेश सुनाते हुए बताया कि अदालत के समक्ष आई याचिकाओं को दो मुख्य भागों में विभाजित कर सुनवाई की गई थी। पहला हिस्सा फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों से संबंधित था और दूसरा हिस्सा दिसंबर 2019 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया परिसर और आसपास हुई हिंसा से जुड़ा था। उल्लेखनीय है कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने दोनों मामलों से जुड़ी इन तमाम याचिकाओं पर 24 जुलाई को अपनी सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब जारी किया गया है।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में क्या थीं याचिकाकर्ताओं की मांगें?
फरवरी 2020 में CAA के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भीषण सांप्रदायिक हिंसा भड़की थी, जिसमें कम से कम 53 लोगों की मौत हुई थी और लगभग 700 लोग घायल हुए थे। अदालत में दायर याचिकाओं में पुलिस और केंद्र सरकार से स्वतंत्र SIT, जांच आयोग या 'फैक्ट फाइंडिंग कमेटी' का गठन किए जाने और कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने वाले राजनेताओं और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और पीड़ितों को बेहतर चिकित्सा उपचार और उचित मुआवजा देने के निर्देश जारी करने की मांग की गई थी।
जामिया हिंसा मामले में उठाई गई थीं ये बातें
दिसंबर 2019 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि पुलिस बल द्वारा छात्रों पर कथित रूप से अत्यधिक बल प्रयोग और ज्यादतियां की गईं, जिसकी निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस व केंद्र सरकार से स्वतंत्र SIT का होना आवश्यक है। हालांकि, उच्च न्यायालय ने इन सभी तर्कों और याचिकाओं को विचारयोग्य न मानते हुए खारिज कर दिया है।
