Delhi News: दिल्ली हाईकोर्ट ने शहर के व्यस्त कारोबारी केंद्र नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर को लेकर एक कड़ा और अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूरे क्षेत्र को 'नो-हॉकिंग जोन' और 'नो-वेंडिंग जोन' घोषित कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि चिन्हित वैकल्पिक जगह को छोड़कर पूरे डिस्ट्रिक्ट सेंटर में अनधिकृत तरीके से सामान बेचने वालों के खिलाफ 12 अक्टूबर के बाद से कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल 90 चिन्हित वेंडरों को वैकल्पिक जगह पर काम करने की अस्थायी अनुमति दी गई है।
दिल्ली हाई कोर्ट (File Image)
400 से ज्यादा वेंडर, सिर्फ 90 अधिकृत
यह मामला नेहरू प्लेस में वेंडिंग और हॉकिंग से जुड़ी कई याचिकाओं और एक अवमानना याचिका की सुनवाई से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर में 400 से ज्यादा वेंडर सामान बेच रहे हैं। इनमें सिर्फ 90 वेंडर ही अधिकृत या पहले के आदेशों के तहत संरक्षित हैं।
12 अक्टूबर के बाद MCD कर सकेगा कार्रवाई
जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस दिनेश भट्ट की पीठ ने 5 अक्टूबर को पारित आदेश में स्पष्ट किया कि चिन्हित स्थल को छोड़कर पूरा नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर ‘नो-हॉकिंग जोन’ और ‘नो-वेंडिंग जोन’ रहेगा। 12 अक्टूबर के बाद MCD को सभी अनधिकृत वेंडरों को हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की अनुमति होगी। कोर्ट ने 90 चिन्हित वेंडरों को 12 अक्टूबर से पास की एक तय वैकल्पिक जगह पर वेंडिंग करने की अनुमति दी है। यह अनुमति स्थायी नहीं है। टाउन वेंडिंग कमेटी-II यानी TVC-II के फैसले तक ही यह व्यवस्था लागू रहेगी।
TVC-II तय करेगी वेंडिंग का अधिकार
हाई कोर्ट ने कहा कि TVC-II के गठन के दो महीने के अंदर यह तय किया जाना चाहिए कि इन 90 वेंडरों में से कौन वेंडिंग सर्टिफिकेट पाने का हकदार है। कमेटी को यह भी तय करना होगा कि पात्र वेंडर किस इलाके में अपना काम कर सकेंगे। यह प्रक्रिया स्ट्रीट वेंडर्स कानून के तहत पूरी की जानी है।
वेंडरों को वैकल्पिक आजीविका का रास्ता देने की जिम्मेदारी
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि यदि वेंडर 'नो-वेंडिंग जोन' में हैं, तो संबंधित प्राधिकरण को उन्हें वैध वेंडिंग जोन में स्थानांतरित करने में मदद करनी चाहिए, ताकि वे अपनी आजीविका कमा सकें।
2009 से चल रहा है विवाद
यह पूरा मामला 2009 के उस कानूनी विवाद से जुड़ा है, जिसमें शुरुआत में कुछ चुनिंदा विक्रेताओं को ही अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में लगातार अतिक्रमण और नियमों के उल्लंघन के चलते हाईकोर्ट ने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए डिस्ट्रिक्ट सेंटर को पूरी तरह से नो-वेंडिंग जोन घोषित कर दिया।
फायर सर्विस करेगी डिस्ट्रिक्ट सेंटर का निरीक्षण
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अनधिकृत वेंडरों को हटाने के बाद दिल्ली फायर सर्विस डिस्ट्रिक्ट सेंटर का निरीक्षण करे। इसके बाद उसे कोर्ट के सामने अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी। इसके अलावा, इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस को MCD और DDA के साथ पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
