जंगलों की 'घुसपैठ' खत्म करेगी दिल्ली; विलायती कीकर और यूकेलिप्टस को हटाने का 10 साल का मेगा प्लान

दिल्ली वन विभाग ने 2036-37 तक के लिए पहला वैज्ञानिक वर्किंग प्लान तैयार किया है। इसके तहत विलायती कीकर जैसे 40 फीसदी विदेशी पेड़ों को हटाकर देशी जंगल विकसित किए जाएंगे। आइए जानते हैं इसके तरीके के बारे में।

Delhi Forest Work Plan 2036: दिल्ली के जंगलों की रंगत बदलने और उन्हें विदेशी 'कब्जे' से मुक्त कराने के लिए वन विभाग ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अगले 10 साल के लिए तैयार यह 'वर्किंग प्लान' राजधानी की पारिस्थितिकी (Ecology) को पुनर्जीवित करने का एक वैज्ञानिक रोडमैप है। देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान (FRI) की तैयार यह योजना 2036-37 तक प्रभावी रहेगी।

Delhi Forest Work Plan

2036 तक विदेशी पेड़ों को हटाने का प्लान

दिल्ली से हटाए जाएंगे विदेशी पेड़

दिल्ली के जंगलों की इकोलॉजी की बात करें तो इनमें हर 10 में से लगभग 4 पेड़ ऐसे हैं, जो यहां के मूल निवासी नहीं हैं। विलायती कीकर (Prosopis juliflora), यूकेलिप्टस और सुबबुल जैसे विदेशी पेड़ों ने राजधानी के लगभग 40% वन क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। ये पेड़ न केवल मिट्टी की सेहत बिगाड़ रहे हैं, बल्कि स्थानीय वन्यजीवों और पक्षियों के लिए भी किसी काम के नहीं हैं। अब दिल्ली वन विभाग ने इन 'बिन बुलाए मेहमानों' को वैज्ञानिक तरीके से हटाने की तैयारी कर ली है। यह योजना पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के बारे में नहीं है, बल्कि 'लक्षित उन्मूलन' यानी Targeted Eradication के बारे में है ताकि देसी वनस्पतियों के लिए जगह बनाई जा सके।

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