दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाते हुए बिहार के बाहुबली विधायक राजू कुमार सिंह को 4 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह पूरा मामला साल 2018 की न्यू ईयर ईव (31 दिसंबर) पार्टी के दौरान हुई एक 'हर्ष फायरिंग' से जुड़ा है, जिसमें दिल्ली की एक प्रसिद्ध डॉक्टर अर्चना गुप्ता के सिर में गोली लग गई थी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
राजू सिंह को चार साल की जेल (Facebook/Raju Kumar Singh)
स्पेशल जज विशाल गोगने ने विधायक राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304 पार्ट-II (गैर-इरादतन हत्या) के तहत चार साल की कैद और आर्म्स एक्ट के तहत दो महीने की अतिरिक्त जेल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, अदालत ने दोषी विधायक को निर्देश दिया है कि वह मृतका के पति विकास गुप्ता को 25 लाख रुपये का मुआवजा भी दें। मुआवजा न देने की स्थिति में उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
खतरे में विधायक की 'कुर्सी'
चूंकि जनप्रतिनिधित्व कानून (RP Act) के तहत यदि किसी मौजूदा सांसद या विधायक को 2 साल या उससे अधिक की सजा सुनाई जाती है, तो उनकी सदन की सदस्यता तुरंत प्रभाव से रद्द हो जाती है। ऐसे में 6 बार के विधायक रहे राजू कुमार सिंह की विधानसभा सदस्यता पर अब तलवार लटक गई है। अगर उन्हें हाई कोर्ट से इस सजा और फैसले पर तत्काल स्टे नहीं मिलता है, तो वह अयोग्य घोषित कर दिए जाएंगे।
बचाव पक्ष की दलीलें: "फिजिक्स की समझ नहीं थी"
सुनवाई के दौरान विधायक के वकील राजीव मोहन और नंदिता राव ने कोर्ट से रहम की अपील की। बचाव पक्ष ने अजीबोगरीब दलील देते हुए कहा कि विधायक को भौतिक विज्ञान के सिद्धांतों या बुलेट की ट्रेजेक्टरी (गति और दिशा) का वैज्ञानिक ज्ञान नहीं था। उन्होंने तर्क दिया कि विधायक ने केवल हवा में 45-डिग्री और 90-डिग्री के कोण पर दो राउंड फायर किए थे और उनका इरादा किसी को चोट पहुंचाने का नहीं था, यह महज एक दुखद हादसा था।
खुद विधायक राजू कुमार सिंह ने कोर्ट के सामने भावुक होते हुए कहा, "मैंने आज तक जिंदगी में कुछ गलत नहीं किया है। मैं एक सामाजिक व्यक्ति हूं। मृतका मेरे भाई के दोस्त की पत्नी थीं, मैं उन्हें भाभी कहता था। अदालत मेरे प्रति नरम रुख अपनाए और 2 साल से कम की सजा दे ताकि मेरी राजनीतिक पारी बची रहे।"
