Swatantra Bhardwaj News: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता से मारपीट के मामले में राइट विंग इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललर ने मंगलवार को यह आदेश दिया। खास बात यह है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने कोर्ट से रेगुलर बेल मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल उन्हें तीन हफ्ते की अंतरिम राहत दी है। भारद्वाज फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
स्वतंत्र भारद्वाज
5 सितंबर को यूपी से हुई थी गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि जुलाई में जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान उन्होंने एक दलित छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट की थी। मामले में शुरुआत में पुलिस ने BNS की धारा 115(2) यानी साधारण चोट पहुंचाने और 126(2) यानी गलत तरीके से रोकने के आरोप में FIR दर्ज की थी।
बाद में मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं। इसके अलावा भारद्वाज के खिलाफ एक अलग FIR में POCSO एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ा विवाद
मामले में विवाद उस समय और बढ़ गया जब भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्होंने छात्रा के पिता की खोपड़ी फोड़ दी थी और पुलिस ने उन्हें कुछ घंटे ही हिरासत में रखा था। इसके बाद CJP के नेताओं के साथ छात्रा और उसके पिता ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने मामले में गंभीर धाराएं जोड़ीं और भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया।
हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका खारिज की थी
गिरफ्तारी के बाद भारद्वाज ने दिल्ली हाईकोर्ट का भी रुख किया था। उन्होंने हैबियस कॉर्पस याचिका दाखिल कर अपनी गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने की मांग की थी। हालांकि हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
कोर्ट में दोनों पक्षों ने क्या दलील दी?
भारद्वाज की ओर से वकील उमेश चंद्र शर्मा ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक कारणों से उन्हें गिरफ्तार किया है। उनका कहना था कि शिकायतकर्ता ने पहले भारद्वाज पर हमला किया था। बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि इस घटना का एक वीडियो भी मौजूद है, जिसमें शिकायतकर्ता को भारद्वाज पर हमला करते हुए देखा जा सकता है। वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शिकायतकर्ता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
वहीं शिकायतकर्ता की ओर से वकील स्वाति खन्ना ने इन दावों का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारद्वाज ने शिकायतकर्ता के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने यह भी कहा कि एक वीडियो में खुद भारद्वाज ने शिकायतकर्ता पर हमला करने की बात स्वीकार की है।
SC/ST एक्ट लगाने पर पुलिस ने दी सफाई
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि शुरुआत में दर्ज शिकायत में जातिसूचक टिप्पणी किए जाने का कोई जिक्र नहीं था। बाद में शिकायतकर्ता का दोबारा बयान दर्ज किया गया, जिसमें जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया। इसके बाद मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं । फिलहाल पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
