म्यांमार ट्रेनिंग केस: छह यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट बेल, इमिग्रेशन एक्ट के आरोपों से भी डिस्चार्ज

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़े ड्रोन युद्ध प्रशिक्षण शिविर से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार छह यूक्रेनी नागरिकों को जमानत दे दी, जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है। विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने छह यूक्रेनी नागरिकों को निजी मुचलके और प्रत्येक को 1 लाख रुपये की नकद जमा राशि पर जमानत दे दी।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित स्पेशल एनआईए कोर्ट ने म्यांमार जाकर जातीय सशस्त्र समूहों (ethnic armed groups) को ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार किए गए छह यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट बेल दे दी है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में एनआईए की ओर से दाखिल चार्जशीट अधूरी है और यूएपीए के तहत आगे की जांच अभी जारी है, जबकि 180 दिनों की अवधि समाप्त हो चुकी है। इसलिए आरोपियों को डिफॉल्ट बेल का अधिकार बनता है।

छह यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट बेल

छह यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट बेल

स्पेशल जज प्रशांत शर्मा ने 23 सितंबर को यह आदेश पारित किया। जिन छह यूक्रेनी नागरिकों को राहत मिली, उनमें हुरबा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुखमानोव्स्की, स्टेफानकिव मारियान, होंचारुक मैक्सिम और कामिन्स्की विक्टर शामिल हैं।

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