दिल्ली के बिजी इलाकों में आने वाले हौज काजी क्षेत्र में चावड़ी बाजार के पास हुए तीन मंजिला इमारत ढहने के हादसे में राहत और बचाव कार्य लगातार चौथे दिन भी जारी है। रविवार को मलबे से एक और शव बरामद होने के बाद इस भीषण दुर्घटना में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर सात हो गई है।
शुक्रवार को चावड़ी बाजार इलाके में गिरी थी बिल्डिंग
एक शव हुआ बरामद
समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट अनुसार, रविवार को चलाए जा रहे तलाशी अभियान के दौरान मलबे से एक बुजुर्ग व्यक्ति का शव निकाला गया। मृतक की पहचान बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले 66 वर्षीय लच्छुमन मुखिया के रूप में हुई है। उनके पार्थिव शरीर को आगे की कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के लिए लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल भेज दिया गया है। बचाव दल मलबे में अभी भी किसी अन्य फंसे हुए व्यक्ति की तलाश के लिए गहन छानबीन कर रहे हैं।
5 नवंबर को हुआ था दर्दनाक हादसा
यह पूरी घटना 5 नवंबर को सुबह करीब 9:45 बजे उस वक्त घटी जब चावड़ी बाजार के पास एक 50 वर्ग मीटर के एरिया में अवैध रूप से निर्माण कार्य चल रहा था। नगर निगम (MCD) के अनुसार, बिना किसी स्वीकृत नक्शे के बनाई जा रही इस इमारत का निर्माण कार्य तीसरी मंजिल तक पहुंच चुका था और घटना के समय छत (रूफ स्लैब) डाली जा रही थी, तभी पूरा ढांचा अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे में जान गंवाने वाले सातों मजदूरों की पहचान, संजीत कुमार, किशोरी साह, पंकज शर्मा, विपिन राम, शांतू, दिनेश साह और लच्छुमन मुखिया के रूप में हुई है। इनमें से चार मजदूर बिहार के रहने वाले थे, जबकि विपिन राम दिल्ली के मांडवली के निवासी थे।
मकान मालिक और तीन ठेकेदार गिरफ्तार, गंभीर धाराओं में FIR
प्रशासन और पुलिस ने इस गंभीर लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करते हुए त्वरित कदम उठाए हैं। पुलिस ने इमारत के मालिक सईमुल्ला उर्फ अयूब और तीन मुख्य ठेकेदारों, सिराज, ताजुद्दीन और फुरकान को गिरफ्तार कर लिया है। ठेकेदारों को हरियाणा के फरीदाबाद के सिरोही इलाके से पकड़ा गया। हौज काजी पुलिस स्टेशन में 5 नवंबर को ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), 290, 125(a) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी। प्रशासन की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पूरी इमारत बिना किसी वैधानिक मंजूरी और नक्शा पास कराए अवैध तरीके से तैयार की जा रही थी। पिछले 70 घंटों से अधिक समय से घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
