Delhi Budget 2026-27: दिल्ली विधानसभा में आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपनी सरकार का वार्षिक बजट पेश करेंगी। इस बार का बजट 1 लाख करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को छूने की उम्मीद है, जिसमें 'ग्रीन ट्रांजिट' और 'इंफ्रास्ट्रक्चर' पर सबसे ज्यादा फोकस रहने वाला है। बजट से ठीक पहले पेश की गई आर्थिक समीक्षा (2025-26) ने यह साबित कर दिया है कि दिल्ली की आर्थिक बुनियाद मजबूत है।
आज विधानसभा में बजट पेश करेंगी मुख्यमंत्री (फाइल फोटो | PTI)
आमदनी में 'नंबर-1' दिल्ली वाले
आर्थिक सर्वेक्षण के सबसे चौंकाने वाले आंकड़े दिल्ली वालों की जेब से जुड़े हैं। सर्वे के अनुसार, दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय अब 5.1 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो राष्ट्रीय औसत से 2.5 गुना अधिक है। यह आंकड़ा केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि दिल्ली की क्रय शक्ति और मजबूत बाजार का प्रतीक है।
13.27 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
दिल्ली की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में 9.4% की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई है। 2026-27 तक दिल्ली की अर्थव्यवस्था 13.27 लाख करोड़ रुपये के स्तर को छू सकती है। खास बात यह है कि इस तरक्की का असली इंजन 'सेवा क्षेत्र' (Service Sector) है, जिसका योगदान 86% से भी ज्यादा है। वहीं, खेती का हिस्सा सिमटकर महज 0.8% रह गया है, जो दिल्ली के एक आधुनिक 'ग्लोबल सिटी' बनने का दावा करता है।
बजट में क्या होंगी बड़ी प्राथमिकताएं: सड़क, बिजली और पानी
आज पेश होने वाले बजट में कुछ प्रमुख क्षेत्रों पर सबकी निगाहें टिकी हैं। बजट का लगभग 20% हिस्सा परिवहन क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। इसमें मेट्रो फेज-IV का विस्तार और इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े को 4,500 के पार ले जाने का लक्ष्य शामिल है। आर्थिक सर्वे से भी इस बात के संकेत मिले हैं। उम्मीद है कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना जारी रहेगी। साथ ही, दिल्ली के बढ़ते 'ग्रीन कवर' और 100% बिजली कवरेज को और बेहतर बनाने के लिए भारी आवंटन भी संभव है। दिल्ली सरकार ने अपनी वित्तीय सेहत को दुरुस्त रखा है। सरकार का राजस्व अधिशेष की स्थिति में होना और राजकोषीय घाटे को 3% के भीतर रखना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
शिक्षा और स्वास्थ्य का 'दिल्ली मॉडल'
सर्वेक्षण में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में दिल्ली के बेहतर प्रदर्शन का दावा किया गया है। बजट में नए अस्पतालों के निर्माण और सरकारी स्कूलों को अत्याधुनिक बनाने के लिए 59,300 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न योजनाओं के लिए रिजर्व की गई है।
