Shri Ram Janmabhoomi Temple Darshan: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर सहित पूरे राम जन्मभूमि परिसर के सभी मंदिरों, मंडपों और पूजा स्थलों में सोमवार से दर्शन की सुविधा शुरू कर दी गई है। अब श्रद्धालु निर्धारित पास प्रणाली के माध्यम से परिसर के भीतर विभिन्न मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। ट्रस्ट द्वारा तय की गई सीमित संख्या के अनुसार ही भक्तों को प्रवेश दिया जा रहा है, जिससे दर्शन व्यवस्था सुव्यवस्थित रहे और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके। इसके लिए श्रद्धालुओं को पहले से निर्धारित प्रक्रिया के तहत पास जारी किए जा रहे हैं। दर्शन शुरू होने के बाद रामभक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु अब भगवान रामलला के दर्शन के साथ-साथ परिसर में स्थित अन्य मंदिरों और मंडपों में भी विधिवत पूजा-अर्चना कर पा रहे हैं।
श्रीराम जन्मभूमि परिसर में सभी मंदिरों में दर्शन शुरू
श्रद्धालुओं में खास उत्साह
मंदिर प्रशासन के अनुसार यह व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु आवागमन को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। आने वाले समय में भक्तों की संभावित बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत और सुव्यवस्थित किया जाएगा। इसी बीच, परिसर के उप मंदिरों में दर्शन शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। महाराष्ट्र से आए एक श्रद्धालु समूह ने उप मंदिरों में दर्शन करने के बाद परिसर की भव्यता और दिव्यता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूरे परिसर का दर्शन करने पर यह अनुभव होता है कि यह केवल राम मंदिर नहीं, बल्कि एक ‘राष्ट्र मंदिर’ जैसा प्रतीत होता है।
1500 श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पास की सुविधा
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में बने सभी 18 मंदिरों के दर्शन आम श्रद्धालुओं के लिए प्रारंभिक तीन महीने के परीक्षण के रूप में शुरू किए गए हैं। मंदिर प्रशासन से जुड़े गोपाल के अनुसार, 13 अप्रैल से प्रतिदिन 1500 श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पास के माध्यम से दर्शन की सुविधा दी जा रही है। इसमें सुगम, विशिष्ट और सामान्य दर्शन के लिए 500-500 पास निर्धारित किए गए हैं। यह बुकिंग व्यवस्था ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर संचालित की जा रही है। श्रद्धालु सामान्य प्रवेश मार्ग से रामलला के दर्शन कर रहे हैं, जिसके बाद उन्हें दक्षिणी सीढ़ियों के रास्ते राम परिवार के दर्शन कराए जा रहे हैं। इसके पश्चात परकोटा मार्ग से होते हुए भक्त शेषावतार मंदिर, सप्त मंडपम और कुबेर नवरत्न टीला के दर्शन कर रहे हैं। नियमों के अनुसार, एक परिवार के अधिकतम पांच सदस्यों के लिए ही पास जारी किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन में फोटो अनिवार्य है और सभी श्रद्धालुओं को अपने साथ आधार कार्ड रखना जरूरी होगा। दर्शन के लिए पास 2-2 घंटे के अलग-अलग समय स्लॉट में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
