लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े एडवोकेट दीपक खत्री की पुलिस कस्टडी 5 दिन बढ़ी, UAPA केस में हथियार सप्लाई और रंगदारी कनेक्शन की जांच जारी

Delhi News: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने एडवोकेट दीपक खत्री की पुलिस हिरासत को 5 दिन के लिए और बढ़ा दिया है। पुलिस ने पूछताछ के लिए 10 दिन की अतिरिक्त कस्टडी की मांग की थी, जिसके बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया। लॉरेंस बिश्नोई की लीगल टीम से जुड़े खत्री को अवैध हथियार सप्लाई और रंगदारी से जुड़े UAPA मामले में गिरफ्तार किया गया है।

Delhi News: राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को एडवोकेट दीपक नंदा उर्फ दीपक खत्री की पुलिस हिरासत पांच दिन के लिए और बढ़ा दी। दिल्ली पुलिस ने अदालत से 10 दिन की अतिरिक्त हिरासत मांगी थी, लेकिन विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बलिगा ने जांच एजेंसी की मांग को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए पांच दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की। दीपक खत्री को लॉरेंस बिश्नोई की कानूनी टीम का सदस्य बताया गया है। वह अवैध हथियारों की सप्लाई, जबरन वसूली और यूएपीए से जुड़े मामले में गिरफ्तार हैं। तीन दिन की पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद दीपक खत्री को शनिवार को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा कि आरोपी के मोबाइल फोन से करीब 100 जीबी डेटा निकाला गया है, जिसका विस्तृत विश्लेषण किया जाना बाकी है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस डेटा के आधार पर आरोपी से आगे पूछताछ जरूरी है। पुलिस ने यह भी अदालत को बताया कि आईबी और एनआईए की ओर से भी आरोपी से पूछताछ की गई है।

Rouse Avenue court

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (फाइल फोटो)

हर 24 घंटे में मेडिकल जांच का आदेश

अदालत ने पुलिस हिरासत बढ़ाते हुए निर्देश दिया कि जांच अधिकारी आरोपी का हर 24 घंटे में मेडिकल परीक्षण कराए और उसकी रिपोर्ट अदालत में दाखिल करे। आरोपी के वकीलों की मांग पर कोर्ट ने यह भी कहा कि दीपक खत्री को हर 24 घंटे के बाद अपने दो अधिवक्ताओं से एक घंटे तक मुलाकात की अनुमति दी जाए। यह मुलाकात जांच अधिकारी की मौजूदगी में होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारी आरोपी और उसके मुवक्किलों के बीच हुई गोपनीय या विशेषाधिकार प्राप्त कानूनी बातचीत के संबंध में पूछताछ नहीं कर सकेंगे। साथ ही आरोपी से होने वाली पूछताछ की वीडियो कैमरे से रिकॉर्डिंग कराने का निर्देश भी दिया गया। अदालत ने यह भी कहा कि अगर आईबी, एनआईए या कोई अन्य जांच एजेंसी आरोपी से पूछताछ करना चाहती है तो उसे इसके लिए अदालत से पूर्व अनुमति लेनी होगी।

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