"महाकाल की जमीन की लूट", कांग्रेस ने कसा CM मोहन यादव पर तंज, इस्तीफे की उठाई मांग

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने उज्जैन में कथित भूमि खरीद मामले को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे और न्यायिक जांच की मांग की है। पार्टी का दावा है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार की भूमि संपत्ति में हुई कथित बढ़ोतरी की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश में एक बार फिर सियासत गरमा गई है। जानकारी के अनुसार कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने उज्जैन में कथित भूमि घोटाले को "महाकाल की जमीन की लूट" करार देते हुए मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस्तीफे और आरोपों की न्यायिक जांच की मांग की। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सत्ता संभालने के बाद उनके परिवार की भूमि 100 एकड़ से बढ़कर 335 एकड़ कथित तौर पर कैसे हो गई। इस संबंध में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

Mohan Yadav Land Scam Allegations

कांग्रेस ने लगाया सीएम मोहन यादव पर 'महाकाल की जमीन की लूट' का आरोप (फोटो- ANI)

राम मंदिर के चंदे से लेकर महाकाल की जमीन की लूट

जीतू पटवारी ने कहा, "तथ्य स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि भाजपा राम मंदिर के चंदे की चोरी और महाकाल की जमीन की लूट में शामिल है।" उन्होंने मीडिया में प्रकाशित एक खबर का हवाला देते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने बड़ी मात्रा में भूमि खरीदी। खबर में दावा किया गया कि दिसंबर 2023 से पिछले दो वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री यादव के परिवार और उनकी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन में कम से कम 137 भूखंड खरीदे, जिनका कुल क्षेत्रफल 168 एकड़ है। बताया गया है कि इन जमीनों का मूल्य लगभग 45 करोड़ रुपये है।

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