UP Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के रविवार को हुए दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार के तहत छह नए मंत्रियों को शपथ दिलायी गयी। साथ ही दो राज्य मंत्रियों को प्रोमोट करके स्वतंत्र प्रभार दिए गए। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 'जन भवन' में आयोजित समारोह में इन मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इनमें समाजवादी पार्टी (सपा) से बगावत करने वाले विधायक मनोज पांडेय और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी शामिल हैं। दोनों को ही कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ग्रहण करवाई गई।
यूपी कैबिनेट विस्तार शपथ ग्रहण समारोह
इन वर्गों से रखते हैं मंत्री ताल्लुक
इसके अलावा हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश राजपूत, कृष्णा पासवान और सुरेंद्र दिलेर को राज्य मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इसके अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल और ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर को स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। योगी सरकार में मंत्री बनने वाले नए लोगों में मनोज पांडेय ब्राह्मण, भूपेंद्र चौधरी, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) तथा कृष्णा पासवान और सुरेंद्र दिलेर दलित वर्ग से ताल्लुक रखते हैं।
2027 का रोडमैप हो रहा तैयार
राज्य विधानसभा चुनाव से करीब आठ माह पहले किए गए इस मंत्रिमंडल विस्तार से पहले प्रदेश सरकार में कुल 54 मंत्री थे, जिनकी संख्या बढ़कर अब 60 हो गई है। मंत्रिमंडल का पहला विस्तार पिछले लोकसभा चुनाव से पहले पांच मार्च 2024 को हुआ था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार की शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात करके मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा की थी। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने इस विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने पर खास फोकस किया है। साथ ही साथ राज्य सरकार 2027 का रोडमैप भी तैयार कर रही है।
यूपी कैबिनेट के नए चेहरे
भूपेंद्र चौधरी
भूपेंद्र चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभावशाली जाट नेताओं में गिने जाते हैं। 55 वर्षीय भूपेंद्र चौधरी मुरादाबाद क्षेत्र से आते हैं और जाट समाज में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वे पहले पंचायती राज विभाग में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2016 में पहली बार एमएलसी बने और 2022 में दोबारा विधान परिषद पहुंचे। भाजपा संगठन में भी उनका अहम योगदान रहा है।
मनोज पाण्डे
मनोज पाण्डे रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक हैं। वे समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता रहे हैं और लगातार तीन बार विधायक चुने जा चुके हैं। ब्राह्मण समाज से आने वाले मनोज पांडे अखिलेश यादव सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। सपा में मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी निभाने के बाद उन्होंने 2024 में भाजपा का दामन थाम लिया। रायबरेली की राजनीति में उनका खास प्रभाव माना जाता है।
कृष्णा पासवान
कृष्णा पासवान फतेहपुर जिले की खागा सीट से विधायक हैं और भाजपा की प्रमुख दलित महिला चेहरों में शामिल हैं। उन्होंने अब तक चार बार विधानसभा चुनाव जीता है। राजनीति में आने से पहले वे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। एससी वर्ग से आने वाली कृष्णा पासवान को जमीनी स्तर की मजबूत नेता माना जाता है। हाल ही में सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांचते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा था।
हंसराज विश्वकर्मा
हंसराज विश्वकर्मा का राजनीतिक सफर एक बूथ कार्यकर्ता से शुरू होकर मंत्रिमंडल तक पहुंचा है। वे वाराणसी से जुड़े हैं और वर्तमान में भाजपा के जिलाध्यक्ष हैं। विश्वकर्मा समाज से आने वाले हंसराज को ओबीसी वर्ग में पार्टी का मजबूत चेहरा माना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से जुड़े होने के कारण उनकी राजनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।
कैलाश राजपूत
कैलाश राजपूत कन्नौज की तिर्वा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। 67 वर्षीय कैलाश राजपूत लोधी समाज से आते हैं और ओबीसी वर्ग में भाजपा के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। अखिलेश यादव के प्रभाव वाले क्षेत्र में उनकी मौजूदगी भाजपा के सामाजिक समीकरण को मजबूती देने वाली मानी जाती है।
सुरेंद्र दिलेर
सुरेंद्र दिलेर इस मंत्रिमंडल विस्तार के सबसे युवा चेहरों में शामिल हैं। 31 वर्षीय सुरेंद्र दिलेर अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक हैं और 2024 के उपचुनाव में पहली बार विधानसभा पहुंचे। एससी समाज से आने वाले सुरेंद्र को राजनीतिक विरासत परिवार से मिली है। उनके दादा किसान लाल दिलेर और पिता राजवीर दिलेर दोनों ही क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय और प्रभावशाली रहे हैं।
