'जो रामद्रोही होता है, शिवद्रोही होता है', 1528 से नहीं टूटा सनातन का संकल्प; शिव शंभू महादेव मंदिर से क्या-क्या बोले CM योगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग उस समय इस संकल्प पर हंसते थे, लेकिन 5 अगस्त 2020 को पूरी दुनिया ने अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन का ऐतिहासिक क्षण देखा। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के कठिन दौर में भी भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण का कार्य आगे बढ़ा और यह तिथि भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक धार्मिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को जोड़ने वाले सबसे बड़े प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन सनातन ध्वज के शिव शंभू महादेव मंदिर पर आरोहण का ऐतिहासिक और पवित्र अवसर है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए हैं।

Shiv Shambhu Mahadev Temple Dhwjarohan

शिव शंभू महादेव मंदिर पर ध्वजारोहण करते सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि आज से लगभग 298 वर्ष पहले वह “काली रात्रि” आई थी, जब अयोध्या की राम जन्मभूमि पर प्रभु श्रीराम के मंदिर को अपवित्र कर एक विवादित ढांचा खड़ा किया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1528 से लेकर अब तक ऐसा कोई दिन नहीं रहा होगा, जब सनातन धर्मावलंबियों ने राम जन्मभूमि के लिए संघर्ष और मंदिर निर्माण का संकल्प न लिया हो।

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