'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' से 'बेटी बढ़ाओ' तक हुआ महिला सशक्तिकरण, नारी से नारायणी सम्मेलन में बोलीं CM रेखा गुप्ता

भारती- नारी से नारायणी सम्मेलन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नारी केवल परिवार और समाज की धुरी ही नहीं, बल्कि अपने विचारों, नेतृत्व और निर्णयों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा तय करने वाली शक्ति बनकर सामने आई है। किसी भी देश की वास्तविक समृद्धि और प्रगति वहां की महिलाओं की उन्नति, शिक्षा और सशक्तिकरण से ही परिलक्षित होती है।

दिल्ली : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को विज्ञान भवन में आयोजित ‘भारती - नारी से नारायणी’ विषय पर महिला विचारकों के राष्ट्रीय सम्मेलन में सहभागिता कर नारी सशक्तिकरण और महिला नेतृत्व के विभिन्न आयामों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज भारत में नारी-शक्ति राष्ट्र-शक्ति के रूप में उभर रही है और महिलाओं को सशक्त बनाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, सृजन और संस्कार के प्रतीक के रूप में देखा गया है। भारत में महिला सशक्तिकरण की यात्रा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ से आगे बढ़कर ‘बेटी बढ़ाओ’ तक पहुंच चुकी है। महिलाएं केवल परंपरा की वाहक ही नहीं बल्कि परिवर्तन की वाहक भी हैं।

CM Rekha Gupta participates in Bharati Nari Se Narayani National Conference of Women Thinkers titled

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘भारती- नारी से नारायणी’ राष्ट्रीय महिला विचारक सम्मेलन में की सहभागिता

राष्ट्र निर्माण की दिशा तय कर रहीं महिलाएं-सीएम रेखा

मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी केवल परिवार और समाज की धुरी ही नहीं, बल्कि अपने विचारों, नेतृत्व और निर्णयों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा तय करने वाली शक्ति बनकर सामने आई है। किसी भी देश की वास्तविक समृद्धि और प्रगति वहां की महिलाओं की उन्नति, शिक्षा और सशक्तिकरण से ही परिलक्षित होती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी दिशा में लखपति बिटिया योजना के माध्यम से बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड के जरिए महिलाओं को सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन की सुविधा प्रदान की जा रही है।

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