Uttarakhand: पहाड़ियों में कुदरत का कहर; बाढ़-भूस्खलन से मचा हाहाकार; 6 की दर्दनाक मौत, 11 लापता

उत्तराखंड के कई जिलों में मूसलाधार बारिश, बादल फटने और भूस्खलन जैसी आपदाओं ने भारी तबाही मचाई है। चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जहां कई लोगों की जान गई और दर्जनों लापता हैं। सड़कों, मकानों, खेतों और पशुधन को भारी क्षति पहुंची है। राज्यभर में बचाव और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। ऐसे में जानें उत्तराखंड में अब तक की तबाही का पूरा अपडेट यहां।

उत्तराखंड के कई जिलों में शुक्रवार तड़के मूसलाधार बारिश के चलते बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने भारी तबाही मचाई। इस भीषण आपदा में एक दंपति समेत छह लोगों की जान चली गई, जबकि 11 लोग लापता बताए जा रहे हैं। कई अन्य लोगों के भी लापता होने की आशंका है। प्रभावित जिलों में चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जहां कई घर और मवेशी मलबे में दब गए, कृषि भूमि तबाह हो गई, वाहन बह गए और संपर्क मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

Devastation all around in Uttarakhand (Photo: ANI)

उत्तराखंड में हर तरफ तबाही का मंजर (फोटो: ANI)

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) के अनुसार, बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र स्थित पौसारी गांव में शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे भारी बारिश से पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण पांच से छह मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना में दो महिलाओं – बसंती देवी जोशी और बचुली देवी – की मौत हो गई, जबकि बसंती देवी के पति रमेश चंद्र जोशी, गिरीश और पूरण जोशी लापता हैं। हादसे में बसंती देवी का बेटा पवन घायल हो गया है। एक अन्य घटना चमोली जिले के थराली तहसील के देवाल क्षेत्र के मोपाटा गांव में हुई, जहां भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन में एक दंपति की मौत हो गई और एक अन्य दंपति गंभीर रूप से घायल हो गया।

End of Feed