Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक आदिवासी महिला अपनी 90 वर्षीय सास को पीठ पर लादकर लगभग तीन किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंची, ताकि वह उन्हें प्रतिमाह मिलने वाली 500 रुपये की पेंशन दिला सके, जो चार महीने से लंबित थी। ’अपने ग्राहक को जानें’ (KYC) से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी नहीं होने की वजह से महिला की पेंशन लंबित थी।
पेंशन के लिए बुजुर्ग सास को पीठ पर लादकर बैंक पहुंची बहू
50 साल की महिला सास को पीठ पर लेकर पहुंची बैंक
यह घटना शुक्रवार को मैनपाट विकास खंड में हुई और महिला का वीडियो एक दिन बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में 50 साल से अधिक उम्र की सुखमनिया नाम की महिला अपनी बुजुर्ग सास को पीठ पर लादकर सड़क पर चलती हुई दिखाई दे रही है। सुखमनिया ने वीडियो रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति को बताया कि पहले एक ’बैंक मित्र’ घर पर 500 रुपये की मासिक पेंशन पहुंचाता था, लेकिन केवाईसी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण उसकी सास को पिछले तीन-चार महीने से पेंशन नहीं मिल रही थी।
KYC के कारण रुकी सास की पेंशन
क्षेत्र के जंगलपाड़ा गांव की निवासी सुखमनिया मैनपाट कस्बे में स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा तक पैदल लगभग तीन किलोमीटर का सफर तय करके पहुंची। मैनपाट जनपद पंचायत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी खुशबू शास्त्री ने रविवार को बताया कि पहले बैंक मित्र हर महीने महिला के घर पेंशन की राशि पहुंचाने आते थे। उन्होंने कहा, ’’जनवरी में आखिरी बार महिला के घर पेंशन पहुंचाई गई थी। केवाईसी संबंधी औपचारिकताओं में देरी के कारण पिछले चार महीनों से यह सेवा बंद थी।’’
22 मई को सास को लेकर पहुंची महिला
सुखमनिया ने बताया कि 22 मई को वह बिना किसी को बताए अपनी सास को पीठ पर लादकर बैंक शाखा तक पहुंची। उसने बताया कि शाखा में केवाईसी संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बैंक ने तुरंत चार महीने की लंबित पेंशन यानी 2,000 रुपये जारी कर दिए। शास्त्री ने कहा, ’’अगले महीने से सुखमनिया की सास को फिर से उनके घर पर पेंशन राशि मिलेगी।’’
(इनपुट - भाषा)
