छप्पन की चाट, चटोरों की ठाठ : अगर आप खाने के शौकीन हैं और आपको छप्पन के बारे में नहीं पता तो आपको अपने शौक के बारे में फिर से सोचना चाहिए। अगली बार इंदौर जाएं तो छप्पन जरूर जाएं। बल्कि हम तो यहां तक कहेंगे कि आप सिर्फ खाने के लिए ही इंदौर जा सकते हैं। छप्पन के पकवान आपके टेस्ट बड्स की पूरी परीक्षा लेंगे। यहां का भोजन आपकी सभी इंद्रियों को भा जाएगा और आपका मन यहां से जाने को करेगा ही नहीं। तो फिर देर किस बात की, चलिए छप्पन होकर आते हैं -
इंदौर का छप्पन
छप्पन है क्या?
जिन लोगों को नहीं पता, उन्हें बता दें कि छप्पन इंदौर में स्ट्रीट फूड का खास पता है। इसको किसी पहचान या लैंडमार्क की जरूरत नहीं है। छप्पन अपने आप में इंदौर का बड़ा लैंडमार्क है। यहां एक-दो नहीं, बल्कि स्ट्रीटफूड के पूरे 56 ज्वाइंट्स हैं। इन्हीं 56 दुकानों की वजह से स्ट्रीट फूड की इन दुकानों को छप्पन नाम से जाना जाता है। यहा कि 56 दुकानों पर भारत ही नहीं, कई अन्य देशों के फूड्स भी मिलते हैं।कब जाएं छप्पन
इंदौर में स्ट्रीटफूड के इस अनोखे बाजार में जाकर आप भी स्ट्रीटफूड का जायका लेना चाहते हैं तो बता दें कि यहां दुकानें सुबह 6 बजे से ही खुलने लगती हैं। यहां रात 10 बजे तक दुकानें खुली रहती हैं। अगर आप सुबह-सुबह यहां जाएंगे तो आपको नाश्ते में पोहा सहित कई स्वादिष्ट फूड का जायका मिलेगा। इसके अलावा आप यहां पर पारंपरिक भोजन के साथ ही हॉटडॉग, समोसा, मोमोज, पिज्जा आदि का भी लुत्फ ले सकते हैं। यहां पर खोपरा पैटीज, वड़ा पाव, ग्रीन बाटला कचौड़ी, शाही शिकंजी, स्वीट कॉर्न, दही वड़ा आदि तमाम तरह के स्ट्रीट फूड का अप्रतिम स्वाद आपको यहां मिल जाएगा।शाम होते ही छप्पन की रंगत बदल जाती है
शाम होते ही रंगत आती है
जैसे-जैसे शाम ढलती है, छप्पन में रंगत आने लगती है। इंदौर आने वाले पर्यटक और इस शहर के चटोरे भी शाम को छप्पन पहुंचते हैं। क्या बच्चे और क्या बूढ़े, हर उम्र के लोग यहां अलग-अलग स्ट्रीट फूड का लुत्फ लेने आते हैं।यहां की खास बात
न तो छप्पन का नाम और न ही यहां मिलने वाला स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड यहां की खासियत है। हालांकि, यहां का स्ट्रीटफूड बहुत ही स्वादिष्ट होता है। लेकिन यह अपनी सफाई के लिए ज्यादा मशहूर है। वैसे भी इंदौर देश में सबसे साफ शहर है। छप्पन ईको फ्रैंडली है। यहां पर टिश्यू भी नहीं मिलता है, बल्कि हर जगह हाथ दोने के लिए पानी मिलता है। स्ट्रीट फूड का हब होने के बावजूद यहां पर प्लास्टिक का कतई इस्तेमाल नहीं होता।छप्पन को देखकर लगता ही नहीं है कि लोग यहां स्ट्रीटफूड खाने आते हैं। देश के किसी भी अन्य शहर को देख लीजिए, जहां पर सिर्फ दो-चार स्ट्रीटफूड वेंडर ही हों। बाजारों में गंदगी का अंबार लगा रहता है। लेकिन छप्पन में किसी की हिम्मत ही नहीं होती कि वह गंदगी इधर-उधर बिखेर सके। तो एक बार छप्पन जरूर आएं और यहां की साफ-सफाई के कायल होने के साथ ही स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड का भी लुत्फ लें।
