Palghar News: पालघर जिले के बोइसर क्षेत्र में स्थित तारापुर एमआईडीसी की एक दवा फैक्टरी में रसायन रिसाव की घटना के बाद 22 कर्मचारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पालघर की कलेक्टर इंदु रानी जाखड़ ने बताया कि यह हादसा रविवार दोपहर लगभग 1:45 बजे तब हुआ जब एक टैंकर में डाई-मिथाइल सल्फेट (डीएमएस) भरा जा रहा था। उन्होंने कहा कि टैंकर की वेंट लाइन से रसायन की थोड़ी मात्रा जमीन पर फैल गई।
पालघर की एक दवा फैक्टरी में रसायन रिसाव के बाद 22 कर्मचारी अस्पताल में भर्ती (सांकेतिक फोटो)
आंखों में जलन की शिकायत
ऑपरेटर ने तुरंत रिसाव को नियंत्रित कर लिया, लेकिन सफाई के दौरान उठी गैसों से कई कर्मचारियों पर असर पड़ा। दोपहर 2:30 बजे तक फैले हुए रसायन को चूना और सोडा ऐश डालकर निष्क्रिय कर दिया गया। कलेक्टर ने बताया कि कुछ सुरक्षा कर्मियों और सफाई में लगे श्रमिकों को डाई-मिथाइल सल्फेट के कारण आंखों में जलन हुई।
22 कर्मचारियों को कराया गया भर्ती
अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में कुल 22 कर्मचारियों को कारखाने में निगरानी में रखा गया, लेकिन शाम करीब सात बजे लक्षण बने रहने के कारण उन्हें एहतियात के तौर पर बोइसर स्थित लाइफलाइन मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने बताया कि सभी प्रभावितों की स्थिति स्थिर है और उनका जीवन सुरक्षित है। फिलहाल, संबंधित एजेंसियों द्वारा रिसाव के कारण की विस्तृत जांच जारी है।
कोल्हापुर के ज्योतिबा मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं और पुजारियों के बीच झड़प
वहीं, कोल्हापुर के ज्योतिबा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पुजारियों के बीच हुई झड़प के मामले में पुलिस ने 10 पुजारियों और 15 श्रद्धालुओं के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। कोडोली थाना के अधिकारी के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर तब हुई जब मंदिर की पालकी को रोकने के दौरान पुजारियों ने श्रद्धालुओं पर हमला किया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि करवीर गांव के कुछ श्रद्धालु धार्मिक जुलूसों में इस्तेमाल होने वाली पवित्र छड़ी 'शशन काठी' लेकर मंदिर पहुंचे थे। श्रद्धालुओं के नृत्य के दौरान मंदिर की देवता की पालकी के मार्ग में बाधा आ गई। जब पुजारियों ने श्रद्धालुओं को नृत्य रोकने और पालकी के लिए रास्ता बनाने का प्रयास किया, तो दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। अधिकारी ने कहा कि इस झड़प में श्रद्धालुओं और पुजारियों के बीच हाथापाई हुई, और इसके जवाब में 10 पुजारियों ने भी हमला किया।
गांव के प्रधान के हस्तक्षेप से झड़प को शांत कराया गया और उन्होंने मंदिर को लिखित माफीनामा सौंपा। इस घटना के मामले में भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत 15 श्रद्धालुओं और 10 पुजारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी नामजद व्यक्तियों को नोटिस भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
(इनपुट - भाषा)
