उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में उथल-पुथल देखने को मिल रही है। पार्टी नेताओं के बीच आपसी तालमेल खराब होने से पार्टी को नुकसान होता दिख रहा है। कई नेता उपेक्षित महसूस करने पर पार्टी छोड़कर अन्य पार्टियों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी बीच श्रावस्ती से समाजवादी पार्टी के भीतर मचे घमासान की एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। भिनगा स्थित पार्टी के जिला कार्यालय में आयोजित बैठक अचानक अखाड़े में तब्दील हो गई। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई और एक नेता के हाथ से जबरन माइक तक छीन लिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी भी तेज हो गई है। AIMIM ने इस विवाद को लेकर सपा पर सीधा हमला बोला है।
दरअसल, श्रावस्ती के भिनगा स्थित सपा कार्यालय में स्नातक एमएलसी प्रत्याशी संजय त्रिपाठी के समर्थन में एक अहम बैठक बुलाई गई थी। मंच पर देवीपाटन मंडल प्रभारी व पूर्व कैबिनेट मंत्री यासिर शाह और खुद प्रत्याशी संजय त्रिपाठी मौजूद थे। बैठक शांतिपूर्ण तरीके से चल रही थी, तभी अपनी बात रखने के लिए आगे बढ़े सपा नेता के हाथ से दूसरे कार्यकर्ताओं ने जबरन माइक छीन लिया।
माइक छीने जाने का आरोप
माइक छीने जाने और बोलने से रोके जाने के बाद माहौल गरमा गया। देखते ही देखते मंच और हॉल में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर खींचातानी और नोकझोंक हुई। बड़े नेताओं की मौजूदगी में हुए इस खुले विवाद ने पार्टी की अंतर्कलह को कैमरे के सामने उजागर कर दिया। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।इस पूरे विवाद पर अब विपक्ष भी चुटकी ले रहा है। AIMIM के सोशल एक्टिविस्ट विंग के प्रदेश अध्यक्ष दिलशाद पठान ने यह वीडियो अपने फेसबुक पर साझा करते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के प्रदेश सचिव बाबू भाई को भरे मजमे में अपमानित किया गया और पार्टी में अल्पसंख्यकों का सम्मान नहीं है।
"श्रावस्ती का यह वीडियो समाजवादी पार्टी की असलियत सामने लाने के लिए काफी है। अब तो सुधर जाओ जुम्मन मियां! समाजवादी पार्टी में मुसलमानों की कोई इज्जत नहीं बची है। जहां भरे मजमे में सपा के प्रदेश सचिव बाबू भाई के हाथ से माइक छीनकर उन्हें बेइज्जत किया जा रहा है। इससे पहले भी लखनऊ में पार्टी दफ्तर पर भिनगा के मौलाना इलियास साहब को खुद अखिलेश यादव के सामने अपमानित किया गया था। सपा सिर्फ मुसलमानों का वोट लेना जानती है, सम्मान देना नहीं।
