चंडीगढ़ : पंजाब और हरियाणा के बॉर्डर पर एक बार फिर किसानों को जमावड़ा लगने जा रहा है। 14 नवंबर को विभिन्न मुद्दों को लेकर किसान और अन्य संगठन दिल्ली कूच के लिए शंभू बॉर्डर पर पहुंच रहे हैं। किसानों के प्रदर्शन के कारण पुलिस भी हाई अलर्ट पर है। जिन मार्गों से किसान आगे बढ़ेंगे, उसके लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। लिहाजा, सुबह दफ्तर या किसी अन्य काम से बाहर निकलने से पहले रूट मैप चेक कर लीजिए।
दरअसल, पंजाब-हरियाणा की सीमा पर पटियाला जिले के शंभू बॉर्डर पर एक बार फिर से किसान पहुंचेंगे। साल 2025 के फरवरी महीने में किसान आंदोलन के चलते पुलिस ने किसानों के मोर्चे को शंभू बॉर्डर से हटाकर हाईवे को एक साल बाद खोला गया था। पुलिस ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसानों के अस्थायी टैंटों को उखाड़ फेंका था। ऐसे में एक बार फिर से किसान शंभू बॉर्डर पर पहुंच कर दिल्ली के लिए कूच करेंगे, जिसको लेकर पुलिस सतर्क है।
14 नवंबर को पंजाब के कुछ संगठनों की ओर से दिल्ली कूच का आह्वान किया गया है। सुरक्षा की मद्देनजर कुछ जगहों पर यातायात को डायवर्ट किया गया है। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली से अंबाला तक आने में किसी प्रकार का कोई व्यवधान नहीं है। हालांकि, अंबाला से आगे पटियाला जाने पर, शंभू बॉर्डर को शुक्रवार को बंद किया जाएगा। लिहाजा वाहन चालकों से अपील की गई है कि आप या तो शाहबाद से साहा होते हुए पंचकुला, चंडीगढ़ का रास्ता ले सकते हैं। इसके अलावा आप अंबाला से लालड़ू या जीरकपुर होते हुए राजपुरा जा सकते हैं। किसी प्रकार की परेशानी होने पर पुलिस सहायता के लिए हरियाणा पुलिस को 112 पर कॉल कर सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय इंसाफ मोर्चा और किसान संगठनों की ओर शंभू बैरियर तक मार्च निकाला जाएगा, जहां से फिर दिल्ली कूच करेंगे। अमर उजाला के हवाले से किसान नेता रणजीत सिंह सवायजपुर ने बताया कि जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर दिल्ली की ओर कूच किया जाएगा। इसी के वास्ते पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है, ताकि वाहन चालकों को मार्च के दौरान किसी प्रकार के आवागमन में दिक्कतें न हों।
