पंजाब में पिछले कुछ वर्षों से पड़ोसी देश पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए नशा और हथियार भेजने की साजिशें हो रही हैं। लेकिन अब पंजाब ने इस नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार ने ड्रोन, नशा और हथियारों की तस्करी जोरदार प्रहार किया है। 2022 से जुलाई 2025 तक पंजाब पुलिस ने युद्ध नशे विरुद्ध अभियान चलाकर 591 ड्रोन जब्त किए और 22 हजार से ज्यादा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ सरकारी को मिली बड़ी कामयाबी (फोटो - iStock)
ड्रोन के जरिए आने वाली खेप में 932 किलो से ज्यादा हेरोइन, 263 पिस्तौल, 14 AK-47, 66 ग्रेनेड और 15 किलो RDX पकड़ा गया। यह साबित करता है कि यह केवल तस्करी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को सीधी चुनौती थी, लेकिन अब सीमापार पड़ोसी की कोई चाल नहीं चल पा रही है।
पंजाब सरकार ने 596 सीमावर्ती गांवों में एक सशक्त सुरक्षा नेटवर्क तैयार किया है। स्थानीय लोगों, रिटायर्ड सैनिकों और पुलिसकर्मियों को मिलाकर एक ऐसा एंटी-ड्रोन सिस्टम खड़ा किया गया है जो दिन-रात सीमा की निगरानी करता है। गांवों को तीन श्रेणियों में बांटकर रोड नेटवर्क, संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा जरूरतों की डिजिटल मैपिंग की गई है।
हर पुलिस अधिकारी अब बीट बुक के जरिए तश्करों की गतिविधियां दर्ज करता है और सभी टीमें व्हाट्सएप से जुड़ी हैं, जिससे गांव-गांव तक सुरक्षा पहुंच चुकी है। 51 करोड़ रुपये की लागत से 9 अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम अब सीमा पर तैनात किए जा रहे हैं। गुरदासपुर, तरनतारन, फाजिल्का जैसे जिले अब ड्रोन तस्करी के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा मॉडल के लिए पहचाने जा रहे हैं। खेमकरण, अजनाला जैसे गांव अब देश की सुरक्षा रणनीति में उदाहरण बन चुके हैं।
पंजाब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब नशा, आतंक और तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह नया पंजाब है – सतर्क, संगठित और आधुनिक। यह मॉडल न केवल पंजाब की सुरक्षा को बल्कि पूरे देश की सीमाओं को सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
